भाषाई अनेकार्थता

प्रकाशन :09-07-2010
डॉ. काजल बाजपेयी

क शब्द, वाक्यांश, या वाक्य अनेकार्थी है अगर इसके एक से अधिक अर्थ हैं। उदाहरण के लिए, शब्द 'light', का अर्थ ना तो बहुत भारी हो सकता है और ना ही अंधेरा। शब्द जैसे 'light', 'note', 'bear', और 'over' शाब्दिक रूप से अनेकार्थी हैं। ये वाक्यांश या वाक्य में अनेकार्थता लाते हैं जिसमें ये बनते हैं, जैसे 'light suit' और 'The duchess can't bear children'. हालांकि, वाक्यांश और वाक्य अनेकार्थी हो सकते हैं भले ही उनके मूल से कोई नहीं है। संरचनात्मक दृष्टि से वाक्यांश 'porcelain egg container' अनेकार्थी है, वाक्य 'The police shot the rioters with guns' के रूप में। अनेकार्थता शाब्दिक और संरचनात्मक आधार दोनों में हो सकती है, 'I left her behind for you' और 'He saw her duck' जैसे वाक्यों के रूप में।

अनेकार्थता के प्रकार

यद्यपि लोगों को कभी कभी अनेकार्थी कहा जा सकता है कि कैसे वे भाषा का प्रयोग करते हैं, अनेकार्थता, सच पूछिये तो, भाषाई अभिव्यक्ति की संपत्ति है। एक शब्द, वाक्यांश, या वाक्य अनेकार्थी है अगर इसके एक से अधिक अर्थ हैं। स्पष्टतः परिभाषा यह नहीं कहती कि अर्थ क्या हैं या एक अभिव्यक्ति के लिए यह क्या है (या एक से अधिक)। किसी विशिष्ट भाषा के लिए, यह जानकारी अर्थ के साथ व्यवस्थित जोड़े रूप, एक से अधिक अर्थ के साथ अनेकार्थी रूप को व्याकरण के द्वारा उपलब्ध कराती है। 

वहाँ अनेकार्थता दो प्रकार की है, शाब्दिक और संरचनात्मक। शाब्दिक अनेकार्थता सामान्य है। प्रतिदिन उदाहरणों में 'chip', 'pen' और 'suit' जैसी संज्ञाएँ, 'call', 'draw' और 'run' जैसी क्रियाएँ, और 'deep', 'dry' और 'hard' जैसे विशेषण शामिल हैं। यहाँ अनेकार्थता के लिए विभिन्न परीक्षण हैं। एक परीक्षण में दो असंबंधित विपरीतार्थक शब्द हैं, 'hard' के रूप में, जिसके 'soft' और 'easy' दोनों विलोम शब्द हैं। दूसरा संयोजक न्यूनीकरण परीक्षण है। वाक्य देखें, 'The tailor pressed one suit in his shop and one in the municipal court'. प्रमाण है कि शब्द 'suit' ('press' को नहीं दर्शाता है) अनेकार्थी है जो वाक्य की 'दोगली व्याख्या' की अव्यवस्था द्वारा प्रदान की गई है, जिस पर 'suit' वस्त्र के रूप में और 'one' कानूनी कार्रवाई के उल्लेख के रूप में प्रयोग किया गया है। 

अनेकार्थता के ऊपर दिए गए उदाहरण में एक शब्द के एक से अधिक अर्थ के साथ की स्थिति हैं. यद्यपि, यह हमेशा स्पष्ट नहीं है जब हमारे पास केवल एक शब्द है। क्रिया 'desert' और संज्ञा 'dessert', जो एक ही ध्वनि व्यक्त करते हैं लेकिन वर्तनी भिन्न हैं। गिनती विशिष्ट शब्दों के रूप में गिनें (वे समान उच्चारण वाले परंतु भिन्नार्थ शब्द हैं)। तो संज्ञा 'bear' और क्रिया 'bear', भले ही ये ध्वनि में एक नहीं हैं लेकिन वर्तनी एक ही है।

ये उदाहरण समान उच्चारण वाले परंतु भिन्नार्थ शब्दों की स्पष्ट स्थिति हो सकते हैं, लेकिन 'संज्ञा' 'respect' और क्रिया 'respect' या पूर्वसर्ग 'over' और विशेषण 'over' के बारे में क्या करें? क्या इन जोड़ों के सदस्य भिन्नार्थ शब्द हैं या एक ही शब्द के भिन्न रूप हैं? एक अनेकार्थी शब्द को मामलों और दो भिन्नार्थ शब्दों के मामलों के बीच की रेखा खींचने के लिए यहाँ कोई सामान्य सर्वसम्मति नहीं है। अंततः अंतर एकपक्षीय है। 

कभी कभी एक शब्द का अर्थ एक अन्य से व्युत्पन्न होता है। उदाहरण के लिए, 'see' का संज्ञानात्मक ज्ञान इसके दृष्टि संबंधी ज्ञान से व्युत्पन्न होता दिखाई देता है। 'He weighed the package' में 'weigh' के ज्ञान की व्युत्पत्ति इसके 'The package weighed two pounds' में दिखाई देती है। इसी तरह, 'burn', 'fly' और 'walk' का सकर्मक ज्ञान इनके अकर्मक ज्ञान से व्युत्पन्न होते हैं। अब यह तर्क दिया जा सकता है कि इन व्युत्पन्न ज्ञान मामलों में से प्रत्येक सच में शब्द के दूसरे अर्थ के रूप में योग्य नहीं है लेकिन वास्तव में मूलभूत ज्ञान पर एक शाब्दिक कार्य प्रणाली का परिणाम है। कुछ सीमा तक यह तर्क सही है कि तथ्य विशेष से विस्तृत शब्दों के बजाय व्यवस्थित और सामान्य है। शाब्दिक अर्थ विज्ञान व्यवस्थित तथ्यों की पहचान करने और विशेषता बताने का कार्य है। यह क्रिया 'do' और 'put' और पूर्वसर्ग 'at', 'in' और 'to' जैसे सामान्य और उच्च रूप से लचीले शब्दों के सुस्पष्ट और सूक्ष्म शब्दार्थ विज्ञान व्यवहार की व्याख्या करने से भी संबंधित है। इन शब्दों में से प्रत्येक के उपयोग हैं जो बहुत से हैं अभी भी लगभग संबंधित है जिनको अक्सर अनेकार्थी के बजाय भिन्नार्थी के रूप में वर्णित हैं। 

संरचनात्मक अनेकार्थता बनती है जब एक वाक्यांश या वाक्य में एक से अधिक आधारभूत संरचना होती है, जैसे वाक्यांश 'Tibetan history teacher', 'a student of high moral principles' और 'short men and women', और वाक्य 'The girl hit the boy with a book' और 'Visiting relatives can be boring'. इन अनेकार्थता को सरंचनात्मक कहा जाता है क्योंकि ऐसे प्रत्येक वाक्यांश को दो संरचनात्मक दृष्टि से भिन्न तरीकों में प्रतिनिधित्व किया जा सकता है। उदाहरण, '[Tibetan history] teacher' और 'Tibetan [history teacher]'. निश्चित ही ऐसी अनेकार्थता का अस्तित्व अंतर्निहित वाक्यात्मक संरचना के एक स्तर के लिए मजबूत साक्ष्य उपलब्ध कराता है। संरचनात्मक दृष्टि से अनेकार्थी वाक्य पर विचार करें, 'The chicken is ready to eat', जो या तो एक भूखी मुर्गी या भुनी हुई मुर्गी का वर्णन कर सकता है। यह विवादास्पद है कि कार्यकारी पठन क्रियार्थक संज्ञा उपवाक्य 'to eat' के निहित विषय पर या तो आधारित है या नहीं जो मुख्य उपवाक्य के विषय ('the chicken') से सहबद्ध है। 

यह हमेशा स्पष्ट नहीं है जब हमारे पास संरचनात्मक अनेकार्थता का मामला है। उदाहरण के लिए, दीर्घवृत्ताकार वाक्य, 'Perot knows a richer man than Trump'. इसके दो अर्थ हैं, कि Perot एक आदमी को जानता है जो Trump से अमीर है और वह Perot आदमी को जानता है जो किसी भी आदमी से अमीर है Trump जानता है, और इसलिए अनेकार्थी है। लेकिन वाक्य 'John loves his mother and so does Bill' के बारे में क्या कहें? यह इस प्रकार कह कर प्रयोग कर सकते हैं या तो जॉन जॉन की माँ और बिल बिल की माँ को प्यार करता है या जॉन जॉन की माँ और बिल जॉन की माँ को प्यार करता है। लेकिन क्या यह सच में अनेकार्थी है? कोई विवाद कर सकता है कि उपवाक्य 'so does Bill' सुस्पष्ट है और स्पष्ट रूप से पढ़ सकते हैं जैसा कि संदर्भ में कहा जा रहा है कि बिल वही करता है जो जॉन करता है, और यद्यपि एक ही बात को करने में दो भिन्न संभावनाओं को गिना जा सकता है, ये विकल्प अर्थ की दृष्टि से निश्चित नहीं हैं। इस प्रकार अनेकार्थता बिल्कुल स्पष्ट है और बेहतर

शब्दार्थ विज्ञान व्याख्या अधीन के रूप में वर्णित है। 

यद्यपि अनेकार्थता मौलिक रूप से भाषाई अभिव्यक्ति की एक संपत्ति है, लोग अवसर पर अनेकार्थी होने के लिए कैसे भाषा का प्रयोग करते हैं। यह बन सकता है यदि, सिर्फ जब उनके शब्द सुस्पष्ट हैं, उनके शब्द नहीं बनते हैं जोकि वे विशिष्ट रूप से निर्धार्य संबंधित है। पूरी तरह से कहें, यद्यपि, अनेकार्थता शब्दार्थगत तथ्य है, जिसमें वक्ता के अर्थ के बजाय भाषाई अर्थ शामिल है, 'व्यावहारिक अनेकार्थता' विरोधाभास है। सामान्यतः जब कोई अनेकार्थी शब्दों या वाक्यों का उपयोग करता है, कोई जान-बूझकर उनके अनपेक्षित अर्थ को नहीं देखता है, यद्यपि वहाँ मनो-भाषाई साक्ष्य है कि जब कोई अनेकार्थी शब्द सुनता है तो कोई जल्द ही अधिगम करता है और फिर उनके नियम अप्रासंगिक हो जाते हैं। जब लोग अनेकार्थता भाषा का प्रयोग करते हैं, आमतौर पर इसकी अनेकार्थता नियत नहीं होती है। कभी-कभी, तथापि, अनेकार्थता सोद्देश्य है, जैसे 'I'd like to see more of you' 'की अभिव्यक्ति के साथ, जब बहुत ही समान अभिव्यक्ति के संदर्भ में एक से अधिक तरीकों में ले जाने के लिए अभिप्रेत हैं। 

अनेकार्थता व्यतिरेक

यह एक साधारण बात है कि आपके शब्द क्या संप्रेषित करते हैं 'आपका कहने का अर्थ क्या है इस पर आधारित'। इससे पता चलता है कि किसी के कहने के की अर्थ हो सकते हैं अपेक्षाकृत वह क्या कहता है, लेकिन यह तरीकों की विविधता के बारे में कुछ नहीं कहता जिसमें यह संभव है। शब्दार्थगत अनेकार्थता एक ऐसा तरीका है, लेकिन वहाँ और भी हैं : भिन्नार्थता (ऊपर वर्णित है), अस्पष्टता, सापेक्षता, क्रमबद्धता, शाब्दिक शुद्धता, और अविवेक हैं। ये सभी अन्य तथ्य भाषाई अर्थ की बहुलता से कुछ अलग वर्णन करते हैं। अभिव्यक्ति अस्पष्ट है यदि यह सीमारेखांकित मामलों को मानती है। शब्द जैसे 'bald', 'heavy' और 'old' स्पष्ट उदाहरण हैं, और उनकी अस्पष्टता तथ्य के द्वारा वर्णित है कि वे एक पैमाने के अस्पष्ट क्षेत्रों पर अंशों को लागू करते हैं। शब्द जो समूह संदर्भ को व्यक्त करते हैं, जैसे, 'intelligent', 'athletic' और 'just', अस्पष्ट हैं क्योंकि उनके उदाहरण कई मानदंडों के अनुप्रयोग के द्वारा निर्धारित किए जाते हैं, जिनमें से कोई भी निर्णायक नहीं है। 

सापेक्षता 'heavy' और 'old' (ये अस्पष्ट भी हैं) शब्दों के द्वारा सचित्र है। 'Heavy people are lighter than nonheavy elephants', और 'old cats can are younger than some young people'. एक अलग प्रकार की सापेक्षता 'Jane is finished' और 'John will be late' जैसे वाक्यों के साथ बनती है। स्पष्टतः कोई भी खत्म या देर नहीं हो सकता है सिवाय किसी के साथ खत्म या किसी के साथ देर के। यह नहीं दिखाता कि शब्द पता चलता है कि शब्द 'finished' और 'late' अनेकार्थी हैं, लेकिन सिर्फ अर्थ की दृष्टि से अस्पष्ट हैं। इसका प्रयोग वाक्य के अर्थ की अपेक्षा अर्थ के प्रयोग के लिए किया जाना चाहिए। क्रमबद्ध शब्दावली, जैसे 'you', 'here' और 'tomorrow', के स्थिर अर्थ हैं लेकिन परिवर्तनीय संदर्भ हैं। उदाहरण के लिए, 'tomorrow' शब्द का अर्थ अगले दिन तक नहीं बदलता है, यद्यपि इसका संदर्भ बेशक बदलता है। शाब्दिक शुद्धता, अविवेक और अस्पष्टता आगे के तरीके हैं जिसमें वक्ता का मतलब क्या है यह निर्धारित नहीं होता बल्कि उसके शब्दों का क्या मतलब है, यह आवश्यक होता है। वे संचार में अस्पष्टता को बढ़ा सकते हैं, जो 'You're the icing on my cake', 'I wish you could sing longer and louder', और 'Nothing is on TV tonight' अभिव्यक्ति के साथ हो। ये भाषाई अनेकार्थता के मामले नहीं हैं लेकिन इसके साथ भ्रमित किया हो सकते हैं क्योंकि वक्ताओं को अक्सर अनेकार्थी कहा जाता है। 

भाषा अनेकार्थता के बिना अस्तित्व में नहीं है, इसमें शताब्दियों से अभिशाप और वरदान दोनों का प्रस्तुतीकरण है।


 डॉ. काजल बाजपेयी
डॉ. काजल बाजपेयी
संगणकीय भाषावैज्ञानिक
एएआई ग्रुप, सी-डैक, छठवाँ फ्लोर
एनएसजी आईटी पार्क, औंध, पुणे, महाराष्ट्र
kajaldelhi2001@gmail.com
 
         
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