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सृजन-गाथा रचनात्मक संस्कारों का अनुसमर्थन |
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इस अंक के प्रमुख आकर्षण
कविताएँ
छंद
भाषांतर
लघुकथा
बचपन
वर्षा का आनंद उठायें, अनिल द्विवेदी नाना जी के आँगन में, प्रमोद कुमार
व्यंग्य
खास प्रजाति का अफसर/ गिरीश पंकज
शेष विशेष भाषाःएक शब्द....लगाना- डॉ. गंगा प्रसाद बरसैंयापत्रकारिता का परिदृश्य- संजय द्विवेदी मृत्यु पर विजय- पुष्करलाल केडिया जिन्ने ट्रिनबैगो नहिं देख्या- सुवास कुमार इंटरनेट पर उपलब्ध हैं रोजगार-रवि श्रीवास्तव अनुवादःतलवार की धार-वीरेन्द्र वरनवाल शरद जी की लेखन सौंदर्य- राम पटवा हिंदी मीडिया की दिशा बदल सकता है यूनिकोड- बालेन्दु शर्मा दाधीच
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ललित निबंधों में- डॉ. श्रीराम परिहार
आदमी की हर आशा पूरी नहीं होती । न जाने कितनी आशाएँ तो
कुँवार की घाम में सूखती हुई घास की तरह कुड़-मुड़ जाती हैं ।
कहानियों में- ब्रिटेन से तेजेन्द्र शर्मा की कहानी --------- जिन्दगी-एक पहेली-बालशौरि रेड्डी
संस्मरण में- निर्मल वर्मा को याद करते हुए डा. कमल कुमार .......... डॉ. प्रत्यूष गुलेरी का विशेष आलेख ------------- डॉ. बलदेव
संस्कार में डॉ. प्रभाकर क्षोत्रिय ............ विजय कुमार देव
कथोपकथन सौभाग्य है पं.नरेंद्र शर्मा की बेटी होना अमेरिका से लावण्या शाह
हम बच्चे दोपहरी में जब सारे बडे़ सो
कृति-समीक्षा में संजय द्विवेदी/समीक्षक-गिरीश पंकज डॉ. सुधा गुप्ता/समीक्षक-प्रदीप दास डॉ.जे.आर.सोनी/ समीक्षक- डॉ.परदेशी राम
ग्रंथालय में- (ऑनलाइन किताबें)
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पुरातन अंकों से
कहानियाँ
ललित निबंध
व्यंग्य
प्रेमचंद परिवार के जीवित सदस्यों में सबसे वरिष्ठ कृष्ण कुमार राय का लेख
प्रेमशकर
प्रसंगवश
कथोकपथन
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सर्वाधिकार सुरक्षित © www.srijangatha.com (सृजन-सम्मान)
'सृजनगाथा' बहुआयामी सांस्कृतिक संगठन 'सृजन-सम्मान' की अव्यावसायिक मासिक पत्रिका है ।