लेखक संगठनों पर वाजपेयी का हमला

By | April 11, 2018

हिंदी साहित्य जगत में एक बार फिर से लेखक संगठनों पर सवाल उठ रहे हैं। इस बार सवाल उठाया है हिंदी के वरिष्ठतम लेखकों में से एक अशोक वाजपेयी ने । हाल ही में उन्होंने वामपंथ को लेकर जो टिप्पणी की है उसके…Read More »

अंग्रेजी मानसिकता से मुक्त हों

मनुष्य अपने विचारों की अभिव्यक्ति किसी न किसी भाषा के माध्यम से ही करता है। भाषा के अभाव में किसी सामाजिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय प्रगति की कल्पना नहीं की जा सकती। साहित्य, संगीत, कला, विज्ञान और इतिहास का आधार भाषा ही है।…Read More »

भारत की इस्लामी विरासत मध्यम और विनम्र है, लेकिन मुसलमानों को इसे ज़िंदा रखने की जरूरत है

भारत में महानतम इस्लामी विरासत का आधार फ़ारसी सभ्यता और संस्कृति, प्राचीन हिन्दी सभ्यता और उसकी विविधतावाद पर हैl उदहारण के लिए मध्य एशिया के साथ भारत के प्राचीन संबंधों के पेट से जन्म लेने वाले तसव्वुफ़ ने “वह्दतुल वजूद” का एक…Read More »

संकीर्णता के आगे चकित ’विश्वमानव’

दिन की वार्ता है कि पिछले चवालीस दिन, यानि 2018 के जनवरी-फरवरी के महीने के दिनों में छब्बीस भारतीय जवान सरहदों पर, विशेषकर जम्मु कश्मीर के इलाकों में मारे गए। उसके पहले भी अनेक मारे गए, आगे भी स्थिति यही होगी। आगे…Read More »

प्रोफेसर अरुण भगत को भाषा मित्र सम्मान- 2018

नोएडा : उत्तर प्रदेश भाषा  संस्थान द्वारा बुधवार को देश के जाने-माने साहित्यकार प्रोफेसर अरुण कुमार भगत को ‘भाषा मित्र सम्मान-2018’  प्रदान किया गया । यह सम्मान केंद्रीय हिन्दी संस्थान – आगरा के उपाध्यक्ष कमल किशोर गोयनका एवं उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान…Read More »

छोटे पुलिस कर्मचारियों के तन-मन ठीक रखने के लिए

छत्तीसगढ़ में कल पुलिस में प्रमोशन के लिए हो रही एक दौड़ में एक सिपाही की मौत हो गई। पिछले बरस भी ऐसा ही हुआ था। पचास बरस की उम्र में किसी सिपाही को हवलदार बनने के लिए अगर अपने फिटनेस की…Read More »

सुशांत सुप्रिय की कविताएँ

जो कहता था  जो कहता था  मेरे पास कुछ नहीं है  असल में उसके पास  सब कुछ था  जो कहता था  मैं पूरब दिशा में  जा रहा हूँ  दरअसल वह  पश्चिम की ओर  जा रहा होता था  जो कहता था  मैं पीता…Read More »

रामनारायण रमण कृत नवगीत संग्रह ‘नदी कहना जानती है’ का भव्य लोकार्पण

रायबरेली। भीतर से बाहर तक नदी के अविरल, लयबद्ध, कल्याणकारी भाव को समोये वरिष्ठ साहित्यकार श्रद्देय रामनारायण रमण जी का सद्य: प्रकाशित नवगीत संग्रह ‘नदी कहना जानती है’ का भव्य लोकार्पण लेखागार सभागार में रविवार, 11 मार्च को सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती…Read More »

सैकड़ों किलोमीटर का सफर भूखे पेट, नंगे पांव किसान…

जिस महाराष्ट्र में किसानों की आत्महत्या लगातार खबरों में रहती है, और जहां सूखे से लेकर बूढ़े-कमजोर जानवरों तक की दिक्कत किसान झेल रहे हैं, वहां पर वामपंथी लाल झंडे तले दसियों हजार किसान सैकड़ों किलामीटर पैदल चलकर मुंबई पहुंचे, और वे…Read More »

सुराबों तक ले आने वाली शायरा : देवी नागरानी

न्यूयार्क ! दोपहर का समय,  मैं अपने ‘सिन्दूरी शाम’ प्रोग्राम के आयोजन में व्यस्थ थी. फोन की घंटी बजी और आपकी मधुर आवाज़ सुनाई दी|  और मेरी पहली मुलाकात उनसे उसी आयोजित कार्यक्रम में ११  नवंबर 2008 में हुई।  श्री सत्यनारायण मंदिर,…Read More »