रचनात्मक संस्कारों का अनुसमर्थन

संपादकीय कार्यालयः एफ-3, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल, आवासीय कॉलोनी, रायपुर, 492001 ई-मेलः srijangatha@gmail.com

अपनी बातकविताछंदललित निबंधकहानीलघुकथाव्यंग्यसंस्मरण कथोपकथन भाषांतरसंस्कारपुस्तकायन

बचपनहलचलविशेषांकसृजनधर्मीलेखकों सेसंपादक बनेंचतुर्दिकशेष-विशेषपुरातनअंकअभिमतमुख्यपृष्ठ

हाइकु

 

कुछ हाइकु -----मनोज सोनकर

ठूँठ है खड़ा

वसंत बदमाश

बताते अड़ा ।

 

मारे न मरे

भ्रष्ट्राचार, आत्मा

जारे न जरे ।

 

तुम्हारा साथ

मिली छिनी पदवी

उन्नत माथ ।

 

तुम क्या छूटे

पदवी छिनी भारी

हाथ ही टूटे ।

 

चिड़िया बैठे

समूद्र लगे झूला

बहुत ऐंठे ।

 

अ से कमल

आरक्षण-विरोध

च से धवल ।

 

धुँआ न भागे

भकभकाता दीया

घुटन लागे ।

 

धुँध तो घेरे

पहाड़, जवां गर्द

लगाए फेरे ।

 

राजा तो हटे

एवज में उनकी

वंश आ डटे ।

 

पकड़ कड़ी

प्रेम तो फेवीकोल

जकड़ बड़ी ।

 

गर्मी तो रंग

गुलमोहर खिले

छोड़े न संग ।

 

झोपड़ी टूटे

आज़ादी लगे जुर्म

खोपड़ी फूटे ।

 

देर से मिले

प्रशंसा, पावडर

चेहरा खिले ।

 

बादल हारे

   इन्द्रधनुष रंगी

    कालिमा टारे ।

मनोज सोनकर

59, 9/3, शर्मा निवास

जामेजमशेद रोड, मुंबई

महाराष्ट्र - 400019

तीन हाइकु..... कृष्ण कुमार अजनबी

 

आई सिमट

औपचारिकताएँ

हैलो-हाय में ।

 

तुम बिन मैं

जल बिन मीन सा

हूँ तड़पता ।

 

बनोगे राम

तो मिलेगी जानकी

वर्ना द्रोपदी ।

कृष्ण कुमार अजनबी

मु.पो. देवभोग, रायपुर

छत्तीसगढ़

 

 

           

 

 

हाइकु

सत्य ही अमर है - महात्मा गाँधी

आपकी प्रतिक्रिया

अपनी बातकविताछंदललित निबंधकहानीलघुकथाव्यंग्यसंस्मरण कथोपकथन भाषांतरसंस्कारपुस्तकायन

बचपनहलचलविशेषांकसृजनधर्मीलेखकों सेसंपादक बनेंचतुर्दिकशेष-विशेषपुरातनअंकअभिमतमुख्यपृष्ठ

  संपादकः जयप्रकाश मानस संपादक मंडलः डॉ.बलदेव,संतोष रंजन, राम पटवा, डॉ.सुधीर शर्मा, डॉ.जे.आर.सोनी, संजीव ठाकुर, कामिनी, प्रगति

तकनीकः प्रशांत रथ

Google
WWW http://www.srijangatha.com