Category: कविता

शशिबाला की कविताएं

By | June 15, 2018

कवि तो कहेगा जब जब सूरज को देखेगा उसके उगने की बात कहेगा समुद्र के गर्भ से शनैः शनैः ऊपर उठने की नरम गुलाबी रंगत से बदल कर गर्म अग्नि में बदलने की पूरे आकाश को लांघ कर धीरे धीरे नीचे उतरने…Read More »

सुबोध श्रीवास्तव की कविताएँ

चुका नहीं है आदमी..! बस, थोड़ा थका हुआ है अभी चुका नहीं है आदमी! इत्मिनान रहे वो उठेगा कुछ देर बाद ही नई ऊर्जा के साथ, बुनेगा नए सिरे से सपनों को, गति देगा निर्जीव से पड़े हल को फिर, जल्दी ही…Read More »