Category: कविता

सुबोध श्रीवास्तव की कविताएँ

चुका नहीं है आदमी..! बस, थोड़ा थका हुआ है अभी चुका नहीं है आदमी! इत्मिनान रहे वो उठेगा कुछ देर बाद ही नई ऊर्जा के साथ, बुनेगा नए सिरे से सपनों को, गति देगा निर्जीव से पड़े हल को फिर, जल्दी ही…Read More »