Category: आलेख

अंग्रेजी मानसिकता से मुक्त हों

मनुष्य अपने विचारों की अभिव्यक्ति किसी न किसी भाषा के माध्यम से ही करता है। भाषा के अभाव में किसी सामाजिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय प्रगति की कल्पना नहीं की जा सकती। साहित्य, संगीत, कला, विज्ञान और इतिहास का आधार भाषा ही है।…Read More »

संकीर्णता के आगे चकित ’विश्वमानव’

दिन की वार्ता है कि पिछले चवालीस दिन, यानि 2018 के जनवरी-फरवरी के महीने के दिनों में छब्बीस भारतीय जवान सरहदों पर, विशेषकर जम्मु कश्मीर के इलाकों में मारे गए। उसके पहले भी अनेक मारे गए, आगे भी स्थिति यही होगी। आगे…Read More »