रचनात्मक संस्कारों का अनुसमर्थन

अंक - 11, अप्रेल, 2007

  संपादकीय कार्यालयः एफ-3, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल, आवासीय कॉलोनी, रायपुर, 492001 ई-मेलः srijangatha@gmail.com

 

अपनी बातकविताछंदललित निबंधकहानीलघुकथाव्यंग्यसंस्मरण कथोपकथन भाषांतरसंस्कारपुस्तकायन

बचपनहलचलविशेषांकसृजनधर्मीलेखकों सेसंपादक बनेंचतुर्दिकशेष-विशेषपुरातनअंकअभिमतमुख्यपृष्ठ

 

 इस अंक में पढिए

।। कविताएँ ।।

माधव पंडित

मुरली मनोहर श्रीवास्तव

विजय कदीम

सुधीर समग्र

सीताराम गुप्त 

रविशंकर श्रीवास्तव

नवल जायसवाल

सूर्योदयः राजीव रंजन प्रसाद

 

 

।। छंद ।।

दोहेकार

डॉ. रामनिवास मानव

भारत भूषण

ग़ज़लकार

देवी नागरानी क्षय गोजा  

सजीवन मयंक

 

 

।। शेष- विशेष ।।

शिक्षा...

भाषा एक संस्कार है-रामेश्वर काम्बोज

मीडिया-विमर्श.....

...............तड़पती खबरें - संजय द्विवेदी

इन दिनों...

अभिव्यक्ति की ठाकरे-शैली-विश्वनाथ विचार...

उत्तर-आधुनिक निहितार्थ -प्रभा दीक्षित

लित निबंधों में इस बारः

दोपहर में गाँव - जयप्रकाश मानस

राष्ट्र भाषा और हमारा गणतंत्र-शोभाकांत

अगर, मगर और शायद-पद्मश्री रमेशचन्द्र

 

कहानी में इस बारः

चूहे-बिल्ली का खेल - कृष्णानन्द कृष्ण

शोक का पुरस्कार - मुंशी प्रेमचंद

 

 

संस्मरण मेः

  प्रशासनिक संस्कृति- स्मरणीय संस्मरण

डॉ.महेश चंद्र द्विवेदी

  विद्यानिवास जी को याद करते हुए

मृदुला सिन्हा
 

 

कथोपकथन मेः

और राधा कृष्ण हो गयीं :

आचार्य जानकी वल्लभ शास्त्री

बौद्धिक सृजन का काम जारी रहना चाहिए- ज्ञानेन्द्र पति

संस्कार मेः

दोहे के भेद - डॉ. सुमन शर्मा

लघुकथा एक तेजस्वी विधा है-कमलकिशोर

 

कृति समीक्षा मेः

अनंत यात्रा - गौतम पटेल

गीत गाना चाहता हूँ  - जयप्रकाश मानस

अपना मन उपवन - संदीप राशिनकर

 

 

 

।। संपादकीय ।।

अंतरजाल से वैश्विक होते हिंदी गीत


जयप्रकाश मानस

प्रागैतिहासिक कालीन गुफाओं और कंदराओं की जो मानव लिपियाँ है वे गवाही देती हैं कि मनुष्य शुरू से ही जीवन में ताल, छंद, लय और रस की फ़िराक में था । जब उसे लिपि या अक्षरों का वरदान मिल गया तब ताड़-पत्रों, ताम्र-पत्रों आदि माध्यमों में उसकी अभिव्यक्ति संपन्न होने लगी । और जब मनुष्य को कागज़ का उपहार मिला तो वह अपनी अनुभूतियों की कोमलतम् और सूक्ष्मतम् अभिव्यक्ति करने लगा । तब से आज तक गीत की धारा सतत् प्रवहमान है । कभी किताबों में, कभी पत्र-पत्रिकाओं में । कभी आडियो सीड़ी में तो कभी वीडियो या वीसीड़ी में ।

 

अपनी बातकविताछंदललित निबंधकहानीलघुकथाव्यंग्यसंस्मरण कथोपकथन भाषांतरसंस्कारपुस्तकायन

बचपनहलचलविशेषांकसृजनधर्मीलेखकों सेसंपादक बनेंचतुर्दिकशेष-विशेषपुरातनअंकअभिमतमुख्यपृष्ठ

  संपादकः जयप्रकाश मानस संपादक मंडलः डॉ.बलदेव,संतोष रंजन, राम पटवा, डॉ.सुधीर शर्मा, डॉ.जे.आर.सोनी, संजीव ठाकुर, कामिनी, प्रगति

तकनीकः प्रशांत रथ

 
eXTReMe TrackerGoStats web counter
Google
WWW http://www.srijangatha.com