रचनात्मक संस्कारों का अनुसमर्थन

  संपादकीय कार्यालयः एफ-3, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल, आवासीय कॉलोनी, रायपुर, 492001 ई-मेलः srijangatha@gmail.com

अपनी बातकविताछंदललित निबंधकहानीलघुकथाव्यंग्यसंस्मरण थोपकथन भाषांतरसंस्कार मूल्याँकनहस्ताक्षर

पुस्तकायन विचार-वीथीप्रसंगवश इनदिनोंहिंदी-विश्व लोक-आलोकव्याकरणतकनीकबचपनशेष-विशेष हलचलविशेषांक सृजनधर्मीलेखकों से संपादक बनेंचतुर्दिकपुरातनअंकअभिमतमुख्यपृष्ठ

 

 

अनचिन्हा आपा - शकु शाह । वार्ता लेखःपीयूष दईया

 छत्तीसगढ़ी की तीन लोककथाएँ - संचयनःजयप्रकाश मानस

विश्व रंगमंच और नाचा - डॉ. राजेन्द्र सोनी

विदेशी नाच में कमर हिलती है दिल नहीं - पद्मभूषण तीजनबाई

हाय ! नर्मदा क्वांरी रह गईं जी - डॉ. विमल कुमार पाठक

सर्प और दयालु किसान - कमलेश माथुर

छत्तीसगढ़ की नाटय परंपरा - प्रो.अश्विनी केरवानी

लोक-कथा -  प्रतिभा सक्सेना

जनजातीय समाज के आकर्षक नृत्य - सरला भटनागर

महानदी की संस्कृति का प्रवाह - डॉ. तृषा शर्मा

दर्द के बीच उभरता अलंकार गोदना - एस.अहमद

छत्तीसगढ़ की दो लोककथाएँ - जयप्रकाश मानस

लोककथा  - प्रतिभा सक्सेना

भारतेन्दु हरिश्चन्द और निज भाषा छत्तीसगढ़ी - नंदकिशोर शुक्ल

लोक-संस्कारों में जल की भूमिका - डॉ. श्यामसुंदर दुबे

छत्तीसगढ़ी विवाह और लोकगीतः सुरेश पर्वेद

डोगरी लोकगीतः पदमा सचदेव

जिन्ने ट्रिनबैगो (ट्रिनिडाड-टुबैगो) नहिं देख्या- सुवास कुमार

कभी पारंपरिक बरतनों का साम्राज्य था:  डा.तृषा शर्मा

संरक्षण की लड़ाई लड़ते पारंपरिक आभूषण- डॉ. तृषा शर्मा

 

आपकी प्रतिक्रिया

गुणरहित नाम कितना निरर्थक होता है - होपर

आपकी प्रतिक्रिया

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  संपादकः जयप्रकाश मानस संपादक मंडलः डॉ.बलदेव,संतोष रंजन, राम पटवा, डॉ.सुधीर शर्मा, डॉ.जे.आर.सोनी, संजीव ठाकुर, कामिनी, प्रगति

तकनीकः प्रशांत रथ

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