आकाश छू लेना

प्रकाशन :18-03-2012
नीलिमा श्रीवास्तव
हमें धर्म , जाति और पाखण्ड से अलग
एक ऐसा पेड़ लगाना है
जो सबको समान छाया दे
हवा दे, गति दे

तथा दूसरों को भी
हरा-भरा अपनी तरह रहने दे

पेड़ जो धरती की आखिरी तह तक
अपनी नसें फैला दे
धरती को और हरा-भरा
तथा आकाश नीला-नीला कर दे

पेड़ जो चिड़ियों को घोसला बनाने दे
कौवा को कॉव-कॉव
कोयल को कूकने दे
तोता को टॉय-टॉय
फुदगुद्दी को फुदकने दे

पेड़ जो हमारी मज्जा का बना हो
हम सब में उगा रहे
हमें ऐसा ही एक पेड़ होना है
अलग-अलग रह कर
पत्ते में हरा होना है
टहनियों में झूमना है
एक दिन तुम भी
झूला टॉग देना
और पेंग मार कर
आकाश छू लेना.................





  नीलिमा श्रीवास्तव
भाटी विहार,राजेन्द्र नगर(पश्चिम)
गोरखनाथ मंदिर, गोरखपुर
मो. 9198857034
 
         
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