Month: August 2018

सुशी सक्सेना की कविताएँ

शब्दों की महिमा मैं शब्द हूँ, अपनी महिमा तुमको क्या बतलाऊँ मैं, मीठा हूँ तो गैर भी अपने हैं, कड़वा बनके अपनों को दूर भगाऊँ मैं। खंजर, चाकू और कटार सब के सब धरे रह जायें, ऐसी गहरी चोट लगे मन में,…Read More »

‘शहर-दर-शहर उमड़ती है नदी’

हिन्दी जगत में मुझे नहीं लगता है कि उद्भ्रांत जी का नाम किसी परिचय का मोहताज है। हिन्दी साहित्य के विराट फ़लक पर उन्होंने अनेक कालजयी महाकाव्यों जैसे ‘अभिनव पांडव’, ‘राधामाधव’, ‘त्रेता’, ‘वक्रतुंड’ और ‘अनाद्यसूक्त’ तथा काव्य नाटक ‘ब्लैक होल’ और लंबी कविता ‘रुद्रावतार’ सहित शताधिक कृतियों की रचना की है। यही नहीं, लेखन…Read More »

सेक्यूलर चोले में लीगी पाठ पढ़ते-पढ़ाते लोग

सेक्यूलर चोले में लीगी पाठ पढ़ते – पढ़ाते लोग फ़ेसबुक पर बुरी तरह सक्रिय हैं । इन में  ही से एक हैं ओबैद नासिर । मुस्लिम हैं सो सेक्यूलरिज्म पर इन का कॉपीराइट है । गोया कोई और सेक्यूलर हो ही नहीं…Read More »

डॉ शिवबहादुर सिंह भदौरिया सम्मान समारोह 2018  

लालगंज (रायबरेली) बैसवारा इंटर कालेज के सभागार में कव्यालोक साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था ने सुप्रसिद्ध गीतकार रहे डॉ शिवबहादुर सिंह भदौरिया की जयंती पर साहित्यकार सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया, जिसमें एक दर्जन से अधिक कवियों और साहित्यकारों को सुप्रसिद्ध साहित्यकारों…Read More »

साहित्य की चोरी से सस्ती लोकप्रियता

इंटरनेट की दुनिया ने हिंदी या कहे प्रत्येक भाषा के साहित्य और लेखन को जनमानस के करीब और उनकी पहुँच में ला दिया है, इससे रचनाकारों की लोकप्रियता में भी अभिवृद्धि हुई है।  किन्तु इन्ही सब के बाद उनके सृजन की चोरी…Read More »