नदी  एक
पुरुष का अँधेरापन
 कम करती है औरत
औरत के अँधेरेपन को
 कम करता है पेड़
पेड़ के अँधेरेपन को
 कम करती है आकाशगंगा
तारों का जो अँधेरापन है
उसे सोख लेती है नदी
नदी के अँधेरे को
मछली अपने आँख में टाँक लेती है
इस तरह यह विश्वास बना रहता है
अँधेरे के ख़िलाफ़
एक नदी बहती है   |
नदी –  दो
नदी पानी की एक चादर है
जिसे ओढ़ लिया करती है असंख्य मछलियाँ
नदी कभी लौटती नहीं है
नदी के पांव किसी ने देखा नहीं है
मेरे मुहल्ले की एक लड़की
नदी में पांव डाल कर घंटो बैठती थी
उसके पैर कमल के फूल हो गये
बारिश से भींगी नदी
इस धरती की पहली लड़की है
जिसके हाथ बहुत ठंडे थे
नदी का बचना
उस ठंडे हाथ वाली लड़की का बचना
मुश्किल है इन दिनों   |

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *