Month: June 2018

ओमप्रकाश कश्यप की लघुकथाएँ

देवता का भय भीषण दरिद्रता, भूख–प्यास, गरीबी देखकर अकुलाए एक भलेमानुष ने दुनिया बचाने की ठान ली। समाधान की खोज में चलता–चलता वह क्षीर–सागर तक पहुंचा. आंखों के सामने दूध का समंदर लहराते देख उसके आनंद का पारावार न रहा— ‘यहां मेरी चिंताओं का समाधान संभव…Read More »

साहित्य में उठाने गिराने का खेल

पिछले दिनों एक छोटे से साहित्यिक जमावड़े में बात‘नई वाली हिंदी’ से शुरू हुई, जिसमें उन कृतियों पर लंबी बात हुई, फिर अन्य प्रकाशनों से प्रकाशित होनेवाले छोटे-छोटे उपन्यासों पर चर्चा चल निकली। वहां से होते होते साहित्य के तथाकथित मुख्यधारा के लेखन…Read More »

पुश्किन की धरती पर टैगौर के अनुयायी

सृजनगाथा डॉट. कॉम. के बैनर तले रूस की सरजमीं पर राजधानी मॉस्को में आयोजित होने वाला यह 15वां अंतराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन था । अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिंदी और हिंदी-संस्कृति को प्रतिष्ठित करने के लिए साहित्यिक-सांस्कृतिक संस्था सृजन-सम्मान, छत्तीसगढ़/साहित्यिक वेब पत्रिका सृजनगाथा डॉट…Read More »

इस डिजिटल जमाने में चाल-चलन ठीक रखें

मध्यप्रदेश में आत्महत्या करने वाले, संत कहे जाने वाले, भय्यूजी महाराज के टेलीफोन से तीन नंबरों पर सौ-सौ बार बात होने की खबर आई है। पुलिस की जांच इन दिनों कुछ आसान हो गई है क्योंकि इंसानों ने बिना फोन, बिना सोशल…Read More »

शशिबाला की कविताएं

By | June 15, 2018

कवि तो कहेगा जब जब सूरज को देखेगा उसके उगने की बात कहेगा समुद्र के गर्भ से शनैः शनैः ऊपर उठने की नरम गुलाबी रंगत से बदल कर गर्म अग्नि में बदलने की पूरे आकाश को लांघ कर धीरे धीरे नीचे उतरने…Read More »

सेक्स-शोषण पर न खास कानून की जरूरत, न विशेष अदालत की, बस मुजरिमों को बचाना बंद हो..

पाकिस्तान की एक खबर है कि वहां की एक नामी स्कूल में पढऩे वाली एक छात्रा ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि किस तरह एक प्रैक्टिकल परीक्षा के दौरान इम्तिहान लेने वाले आदमी ने कई छात्राओं के साथ यौन दुव्र्यवहार किया।…Read More »