Month: May 2018

रोमेश भंडारी और केशरीनाथ त्रिपाठी की काली कथा

जानने वाले जानते हैं कि अगर विधानसभा अध्यक्ष सत्ता पक्ष का हो , क़ानून जानता  हो , जूनून का धनी हो तो खुदा भी कोई सरकार नहीं गिरा सकता। लोकसभा के कभी अध्यक्ष रहे सोमनाथ चटर्जी को भूल जाइए।  जिन्हों ने संसदीय…Read More »

सोशल मीडिया का अराजक तंत्र

कर्नाटक में राजनीतिक गहमागहमी के बीच कांग्रेस पार्टी ने रामधारी सिंह दिनकर की एक कविता की कुछ पंक्तियां ट्वीट की, ‘सदियों की ठंढी-बुझी राख सुगबुगा उठी/मिट्टी सोने का ताज पहन इठलाती है/दो राह, समय के रथ का घर्घर नाद सुनो/सिंहासन खाली करो कि…Read More »

एक महान संभावना पर बमबारी करता ट्रंप

जिंदगी में कई ऐसे मौके आते हैं जब हालात नाजुक रहते हैं, और फैसले लेने वाले लोगों से समझदारी की उम्मीद की जाती है। ऐसा माना जाता है कि जिम्मेदार लोग हालात देखते हुए गैरजरूरी हरकतों से बचेंगे, और मौके को अच्छी…Read More »

वरिष्ठ कवि उद्भ्रांत को प्रथम टैगोर सम्मान

रूस में राधामाधव रायपुर । 21 वीं सदी के पहले व लगभग एकमात्र महाकाव्यकार, आधुनिक हिंदी के शीर्षस्थ कवि श्री रमाकांत शर्मा (उद्भ्रांत) द्वारा रचित व अँगरेज़ी, ओडिया सहित कई भाषाओं में अनुवाद के साथ बहुचर्चित काव्यकृति ‘राधामाधव’ पर प्रथम गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगौर अंतरराष्ट्रीय…Read More »

दाम्पत्य

काव,काव,काव! आम के पेड़ पर बैठकर काला कौवा बोल रहा था। जल्दी से बिस्तर से उठकर बैठ गई शांति। पीछे वाला दरवाजा खोला। अभी तक सूर्योदय नहीं हुआ था, मगर पूर्व दिशा का आसमान लाल दिखने लगा था। चिड़ियां कलरव करते हुए अपने घोंसले से…Read More »