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स्मार्टफ़ोन
:
दिनोंदिन होते जा रहे हैं स्मार्ट
रविशंकर
श्रीवास्तव
जब
मोबाइल फ़ोनों का ईजाद मोबाइल रहते हुए
–
यात्रा में या बाहर रहते हुए संपर्क में बने रहने और संवादों
के आदान-प्रदान के लिए हुआ था, तब किसी ने यह नहीं सोचा होगा
कि ज़ल्द ही यह जादुई, अलादीन का चिराग-नुमा उपकरण लोगों की
अन्य ढेरों आवश्यकताओं की पूर्ति भी करने लगेगा। आज शायद ही
किसी के पास बेसिक फ़ोन होता होगा जिसमें अंतर्निर्मित कैमरा,
एमपी3 प्लेयर की सुविधा न हो । मोबाइल फ़ोनों की पोर्टेबिलिटी
और इसके ढेर सारे अन्य कार्यों को कर सकने की क्षमता ने ज़ल्द
ही इसमें और भी ढेरों उपयोगिताओं को सम्मिलित कर दिया । मोबाइल
फ़ोन इस तरह से दिनों दिन स्मार्ट होते गए । मोबाइल फ़ोनों के
और भी स्मार्ट बनने की ये यात्रा तीव्र गति से जारी है । कुछ
विशिष्ट श्रेणी के मोबाइल फ़ोनों में कम्प्यूटरों में किए जा
सकने वाले समस्त कार्य भी किए जा सकते हैं । मोबाइल फ़ोन
ज़रूरत की वस्तु तो हो ही गए हैं, उन्नत किस्म के स्मार्ट
फ़ोनों को फ़ैशन स्टेटमेंट भी माना जाने लगा है ।
स्मार्ट फ़ोन की वैसे तो कोई विशिष्ट परिभाषा नहीं है, मगर वे
फ़ोन जिनमें कैमरा व मल्टीमीडिया प्लेयर की सुविधा के अतिरिक्त
पर्सनल कम्प्यूटर (पीसी) पर कार्य कर सकने जैसी उन्नत सुविधाएँ
हों, या जिन फोनों में बढ़िया पूरा ऑपरेटिंग सिस्टम मौजूद हो
जिसमें आप ईमेल प्राप्त करने व भेजने से लेकर इंटरनेट
ब्राउज़िंग तथा वर्ड प्रोसेसिंग इत्यादि सब कर सकें, तो उसे
स्मार्ट फ़ोन कहा जा सकता है । इन फ़ोनों में वायरलेस तथा
ब्लूटूथ इत्यादि की अतिरिक्त सुविधा अन्य उपकरणों यथा पीसी या
प्रिंटर से जुड़ने के लिए भी अंतर्निर्मित हो सकती हैं । कुछ
समय पहले तक स्मार्ट फ़ोन अत्यंत महँगे मिलते थे, परंतु अब
विभिन्न कंपनियों के ऐसे कई मॉडल उपलब्ध हैं जो आठ से दस हज़ार
रुपए तक की क़ीमत में भी उपलब्ध हैं । कुछ चीनी स्मार्टफ़ोन तो
महज चार-पाँच हज़ार रुपए की क़ीमत में भी मिल जाते हैं।
सवाल ये है कि स्मार्ट फोनों के ज़रिए आप क्या क्या कर सकते
हैं । वैसे तो यह अलग-अलग किस्म के स्मार्ट फोनों पर निर्भर
करता है कि उनमें क्या सुविधाएँ हैं, परंतु आमतौर पर आप अपने
स्मार्ट फ़ोन से इंटरनेट पर ब्राउज़ कर सकते हैं, ईमेल का आदान
प्रदान कर सकते हैं, वर्ड और एक्सेल जैसे अनुप्रयोगों की
सहायता से छोटे मोटे दस्तावेज़ बना सकते हैं या उन्हें संपादित
कर सकते हैं । आवश्यकता पड़ने पर सीमित मात्रा में चित्र व
मल्टीमीडिया देखने व संपादन (काँट-छाँट) भी कर सकते हैं, गेम
खेल सकते हैं, वीडियो देख सकते हैं, गाने सुन सकते हैं तथा
आवश्यकता पड़ने पर मनवांछित मोबाइल अनुप्रयोगों को संस्थापित
भी कर सकते हैं ।
हाल ही में स्मार्ट फ़ोनों की कतार में एक नया नगीना जुड़ा ।
गूगल समर्थित एक नया मुक्त व मुफ़्त मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम
एँड्राइड युक्त स्मार्ट फ़ोन एचटीसी जी1 जारी किया गया।
एचटीसी जी1 के कुछ स्मार्ट करतब ये हैं जिनकी क्षमता देखकर आप
अपने दांतों तले उँगली दबा लेंगे
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जी1 स्मार्ट फ़ोन में जीपीएस (ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम) लगा
है, जिसकी सहायता से गूगल मैप्स–
के ज़रिए आपका स्थान उसमें अँकित हो जाता है तथा यदि आप कुछ
विशिष्ट देशों के बड़े शहरों में हैं, तो ये गूगल स्ट्रीट व्यू
के ज़रिए आपको बाकायदा रास्ता दिखा सकता है । और ये भी बता
सकता है कि किसी स्थान से किसी दूसरे स्थान तक जाने के लिए
सबसे छोटा रास्ता कौन-सा होगा ।
इस स्मार्ट फ़ोन में शॉप-सेवी नाम का सॉफ़्टवेयर है जिसके
ज़रिए आप किसी शॉपिंग माल में रखे किसी उत्पाद के बारकोड को
फ़ोन के कैमरे द्वारा स्कैन कर इंटरनेट के ज़रिए उसकी कीमत की
तुलना कर सकते हैं तथा ज़्यादा उचित और अधिक छूट देने वाले
शॉपिंग माल के बारे में जान सकते हैं ।
इसका डिस्प्ले स्वचालित घूमने वाला है
–
यानी आप इसके आयताकार डिस्प्ले को आड़े में या खड़े में कैसे
भी प्रयोग कर सकते हैं और जब भी आप मोबाइल फ़ोन को घुमाते हैं
तो इसका डिस्प्ले स्वचालित घूम जाता है ।
इसमें एक बायो-वॉलेट नाम का सॉफ़्टवेयर अंतर्निर्मित है जिसके
ज़रिए आप अपने गोपनीय डाटा व जानकारियों को अत्यंत गोपनीय
तरीक़े से भंडारित कर सकते हैं । इसके लिए यह उच्च स्तर के
डाटा एनक्रिप्शन सहित फिंगर-प्रिंट तकनीक का प्रयोग करता है ।
यानी आप जब तक स्वयं का अंगूठा नहीं लगाएँगे, आपका यह मोबाइल
कोई जानकारी किसी को भी नहीं - आपको भी नहीं - बताने वाला ।
यही नहीं, एँड्राइड मार्केट के ज़रिए आप अपने इस फ़ोन में
सैकड़ों अन्य मनपसंद अनुप्रयोगों को
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जो अधिकतर मुफ़्त उपलब्ध हैं, डाउनलोड कर संस्थापित कर सकते
हैं ।
कुछ समय पहले तक उपलब्ध स्मार्टफोनों में हिन्दी में काम करने
की अंतर्निर्मित क्षमता अनुपलब्ध थी । आपको इसके लिए अलग से
जुगाड़ ढूंढने पड़ते थे । परंतु आधुनिक स्मार्टफ़ोनों में
हिन्दी में कार्य करने की अंतर्निर्मित क्षमताएँ मिलने लगी हैं
। विंडोज मोबाइल संस्करण 5 युक्त मोबाइल फ़ोनों
– उदाहरण के लिए –
एचटीसी पी3300 में तो पूरा-का-पूरा इंटरफेस हिन्दी में ही
मिलता है । तो यदि आपको हिन्दी में ईमेल करना हो, हिन्दी में
वर्ड या एक्सेल में लिखना हो, इंटरनेट पर हिन्दी की साइटों को
पढ़ना हो, तो अब यह सुविधा उपलब्ध है । तमाम नए स्मार्टफ़ोनों
में यूनिकोड का समर्थन है
– जिसका अर्थ है कि अब आप हर किसी को हिन्दी (या अन्य
भारतीय भाषाओं में) में न सिर्फ ईमेल कर सकते हैं, वरन् उन्हें
एसएमएस संदेश भी भेज सकते हैं ।
हिन्दी समर्थन
–
यानी इंटरनेट पर हिन्दी ब्राउज़िंग और ईमेल इत्यादि लिखना और
सीमित मात्रा में हिन्दी आलेख (ब्लॉग पोस्टें) लिखने की क्षमता
तो आजकल के सामान्य मोबाइल फोनों में भी मिलने लगा है ।
उदाहरण के लिए, नोकिया 2626,
जो कि बाज़ार में सिर्फ 2200 रुपए से कम में उपलब्ध है, में
आप ऑपेरा मिनी नामक ब्राउजर डाउनलोड कर इंटरनेट पर हिन्दी
साइटों को न सिर्फ देख पढ़ सकते हैं, वरन्, ऑनलाइन हिन्दी लेखन
औजार की मदद से हिन्दी में लिख कर इंटरनेट पर प्रकाशित भी कर
सकते हैं ।
अर्थ यह कि अपने मोबाइल फ़ोन दिनों-दिन और ज़्यादा स्मार्ट
होते जा रहे हैं । मोबाइल फ़ोनों के स्मार्ट, और स्मार्ट होने
की ये रफ़्तार जारी रहेगी । कौन जाने किसी दिन इसमें ये क्षमता
भी आ जाए कि यदि आप इस आलेख को पढ़ते पढ़ते बोर हो जाएँ तो
इसका पता यह स्वचालित लगा ले और फिर यह आपके लिए पन्ना भी पलट
दे!
रविशंकर श्रीवास्तव
रतलाम, मध्यप्रदेश
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