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जूनागढ़ में
सर्वधर्म समभाव कवि सम्मेलन
बीकानेर।
बीकानेर के पूर्व महाराजा स्व. सादूल सिंह जी की
106वीं
जयन्ती के अवसर पर 7 सितम्बर
08 को ऐतिहासिक जूनागढ किले के सामने
दुधिया रोशनी में नहाई पूर्व महाराजा स्व. डूंगर सिंहजी की
संगमरमर की प्रतिमा स्थल पर एक सांस्कृतिक संध्या एवं भव्य
सर्वधर्म समभाव कवि सम्मेलन एवं मुशायरे का आयोजन किया गया। इस
आयोजन के मुख्य अतिथि पूर्व विधायक एवं चिंतक,
विचारक डॉ. गोपाल कृष्ण जोशी थे जबकि
अध्यक्षता राजस्थान खादी बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष श्री भवानी
शंकर शर्मा थे। कार्यक्रम के स्वागताध्यक्ष डॉ. गिरिजा शंकर
शर्मा ने अतिथियों,
कलाकारों,
कवियों,
शायरों
का स्वागत करते हुए सर्वधर्म समभाव कवि सम्मेलन को बीकानेर की
गंगा-जमुनी तहज़ीब का प्रतीक बताया।
कार्यक्रम का संयोजन करते हुए कवि,
कथाकार संजय पुरोहित ने बताया कि सादूल
सिंहजी वो पहले नरेश थे जिन्होंने
भारत संघ में विलीनीकरण होने के लिए सर्वप्रथम अपने हस्ताक्षर
किये थे और संविधान निमात्री सभा में अपने प्रतिनिधिमण्डल को
सर्वप्रथम भेजा। इससे उनकी राष्ट्रीयता की भावना की बानगी
मिलती है।
कार्यक्रम के आरम्भ में लोक गायक नवरतन किराडू,
अहमद हारून,
विशाल भाटी ने गीत प्रस्तुत किये। इसके उपरान्त कवि सम्मेलन
एवं मुशायरा आरम्भ हुआ जिसमें सर्व श्री लक्ष्मीनारायण रंगा,
गौरीशंकर आचार्य 'अरूण',
रामनरेश सोनी,
शमीम बीकानेरी, गुलाम मोहियूद्दीन
माहिर, डॉ. शंकरलाल स्वामी,
श्रीमती प्रमिला गंगल,
भवानी शंकर व्यास 'विनोद',
लालचन्द भावुक,
विशन मतवाला, कमल रंगा,
रवि पुरोहित,
श्रीमती उषाकिरण सोनी, श्रीमती
चंचला पाठक, संजय आचार्य 'वरूण',
रमेश भोजक 'समीर',
नदीम अहमद'नदीम',
जिया उल हसन कादरी,
वली मोहम्मद गौरी,
बुनियाद हुसैन 'ज़हीन',
सुनील गज्जाणी,
मो. इरशाद सहित तीस
कवि-शायरों
ने अपनी रचनाएँ
प्रस्तुत की। आभार आयोजन मण्डल के सदस्य आत्माराम भाटी ने
प्रस्तुत किया।
(रपट-
संजय पुरोहित,
बावरा निवास समीप सूरसागर,
मेजर जेम्स विहार,
धोबीधोरा,
बीकानेर
334001)
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