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सृजनगाथा

 

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वर्ष-2, अंक-24, मई, 2008

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।। हलचल ।।

 

 

 अमृतसर अ.भा.प्रदर्शनी में अवधिया का चयन

अमृतसर। ललित कला अकादमी, अमृतसर के चौंथवे अखिल भारतीय प्रदर्शनी में लगातार तीसरे वर्ष छत्तीसगढ़ के युवा शिल्पकार रसिक बिहारी अवधिया के शिल्प 'निरंतरता' का चयन किया गया है । गत 26 अप्रैल को प्रदर्शनी का उद्घाटन अमृतसर के डिप्टी कमिश्नर व आईफ़ा के चैयरमैन सरदार काहन सिंह पन्नू द्वारा किया गया । प्रदर्शनी 26 अप्रैल से 10 मई तक प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक खुली रहेगी । ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को कला के प्रति जोड़ने के उद्देश्य से अमृतसर में यह आयोजन विगत चार वर्षों से अकादमी द्वारा किया जा रहा है जिसमे देश भर के विभिन्न अनुशासनों के कलाकारों की कलाकृतियों का चयन किया जाता है ।

 

 

ज्ञातव्य हो कि श्री रसिक बिहारी अवधिया रायपुर के युवा कलाकारों में प्रमुख हैं जो मिट्टी और विभिन्न धातुओं से अपनी कलाकृति गढ़ने के लिए जाने जाते हैं। वे माटी मंथन नामक कला संस्थान का संचालन भी अंचल के कलाकारों को बढ़ावा देने के लिए चला रहे हैं । उनकी अब तक कई एकल प्रदर्शनी लग चुकी है । वे महाकौशल कला परिषद, रायपुर सहित 8 विभिन्न एवार्ड्स से नवाज़े जा चके हैं । वे राज्य की बहुआयामी साहित्यिक संस्था के सक्रिय पदाधिकारी भी हैं । श्री अवधिया छत्तीसगढ़ी भाषा के प्रमुख युवा कवियों में समादृत हैं जिन्होंने कालिदास के मेघदूत का छत्तीसगढ़ी में अनुवाद भी किया है ।

 

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