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सृजनगाथा

 

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वर्ष-2, अंक-24, मई, 2008

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।। हलचल ।।

 

 

नासिरा शर्मा को कथा (यू.के.) सम्‍मान

 

लंदन । कथा (यू के) के मुख्य सचिव एवं प्रतिष्ठित कथाकार श्री तेजेन्द्र शर्मा ने लंदन से सूचित किया है कि वर्ष 2008 के लिए अंतर्राष्ट्रीय इंदु शर्मा कथा सम्मान वरिष्ठ उपन्‍यासकार श्रीमती नासिरा शर्मा को सामयिक प्रकाशन से 2005 में प्रकाशित उपन्यास कुइयांजान पर देने का निर्णय लिया गया है। इस सम्मान  के अन्तर्गत दिल्ली - लंदन - दिल्ली का आने जाने का हवाई यात्रा का टिकट (एअर इंडिया द्वारा प्रायोजित) एअरपोर्ट टैक्स़, इंगलैंड के लिए वीसा शुल्क़, एक शील्ड, शॉल, लंदन में एक सप्ताह तक रहने की सुविधा तथा लंदन के खास खास दर्शनीय स्थलों का भ्रमण आदि शामिल होंगे। यह सम्मान श्रीमती नासिरा शर्मा को लंदन के हाउस ऑफ लॉर्ड्स में 27 जून 2008 की शाम को एक भव्य आयोजन में प्रदान किया जायेगा।

 

इंदु शर्मा मेमोरियल ट्रस्ट की स्थापना संभावनाशील कथा लेखिका एवं कवयित्री इंदु शर्मा की स्मृति में की गयी थी। इंदु शर्मा का कैंसर से लड़ते हुए अल्प आयु में ही निधन हो गया था। अब तक यह प्रतिष्ठित सम्मान सुश्री चित्रा मुद्गल, सर्वश्री संजीव, ज्ञान चतुर्वेदी, एस आर हरनोट, विभूति नारायण राय, प्रमोद कुमार तिवारी, असग़र वजाहत और महुआ माजी को प्रदान किया जा चुका है।

 

श्रीमती नासिरा शर्मा का जन्म 1948 में इलाहबाद में हुआ। उन्होंने फ़ारसी में एम.ए. की डिग्री हासिल की।  उनकी प्रकाशित कृतियों में शामिल हैं सात नदियां एक समन्दर, शाल्मली, ठीकरे की मंगनी, ज़िन्दा मुहावरे (सभी उपन्यास), एवं शामी काग़ज़, पत्थर गली, संगसार, इब्ने मरियम, सबीना के चालीस चोर, ख़ुदा की वापसी (सभी कहानी संग्रह शामिल हैं। इसके अतिरिक्त उनके नाम कई अनूदित पुस्तकें व टेलिफ़िल्मों का लेखन शामिल है। इस वर्ष नासिरा जी अपना साठवां जन्‍मदिन मना रही हैं।

 

वर्ष 2007 के लिए पद्मानन्द साहित्य सम्मान  श्रीमती उषा वर्मा को उनके कहानी संग्रह कारावास (2007 विद्या विहार प्रकाशन, नई दिल्ली) के लिए दिया जा रहा है। श्रीमती उषा वर्मा का जन्म   बाराबंकी, उत्तर प्रदेश  में हुआ था और उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से एम.ए. (दर्शनशास्त्र) तक शिक्षा प्राप्त की। उनकी प्रकाशित रचनाओं में  क्षितिज अधूरे, कोई तो सुनेगा (कविता संग्रह), सांझी कथा यात्रा (संपादन कहानी संग्रह) आदि शामिल हैं। वे लीड्स विश्विद्यालय में प्राध्यापिका रही हैं।  इससे पूर्व इंगलैण्ड के प्रतिष्ठित हिन्दी लेखकों क्रमश: डॉ सत्येन्द श्रीवास्तव, सुश्री दिव्या माथुर, श्री नरेश भारतीय, भारतेन्दु विमल, डा.अचला शर्मा, उषा राजे सक्‍सेना,गोविंद शर्मा और डा. गौतम सचदेव को पद्मानन्द साहित्य सम्मान  से सम्मानित किया जा चुका है।

(लंदन से तेजेन्द्र शर्मा की रिपोर्ट)

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