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युएसए
का प्रवासी साहित्य
अमेरिका मे
'हिंदी
युएसए'
देवेन्द्र सिंह
अपनी मातृभाषा के लिए स्वैच्छिक सेवाओं की ज़रूरत होती है और
ऐसे में तो और भी अधिक जबकि विश्व के भूगोल में भारत से कहीं
बहुत दूर एक ऐसी पीढ़ी जवान हो रही हो जो हिंदी से प्रायः
विमुख है। अमेरिका स्थित न्यूजर्सी की जर्मी पर हिंदी को नई
पीढ़ी से जोड़नेवाली एर संस्था ‘हिंदी
यू.एस.ए.’
की स्थापना, हिंदी-प्रेमी भारतीयो की एक मानक संस्था बन गयी
है। इस संस्था के कार्यकलापों की कुछ झलकियाँ यहाँ प्रस्तत कर
रहे हैं संख्या के स्वयंसेवक देवेन्द्र सिंह। विश्व के अन्य
भागों मे बसे भारतीय जिससे संस्था से प्रेरणा ले सकते हैं।
अमेरिका में हिंदी का इतिहास पुराना है। जब आदि पीढ़ी के
भारतीय अमेरिका का बसकर अपनी रोजी-रोजी चलाने एवं डालर एकत्रित
करने में ब्यस्त थे, उनके बच्चे पाश्चात्य सभ्यता की खाद और
पानी में डूबकर भारतीय संस्कृति को बिसरा रहे थे। मंदिरों का
निर्माण, भारतीय समुदायों की स्थापना, अपने तीज-त्यौहारों को
आस्था से मनाना और नई पीढ़ी को भाषा का ज्ञान देना इत्यादि कुछ
ऐसी गतिविधियाँ थीं जो भीरतीय परिवारों ने स्वयं एवं अपने
बच्चों को भारतीय संस्कृति से जोड़े रखने के लिए शुरु कीं।
हिंदी भाषा का जन्म अमेरिका के मंदिरों में तभी से शुरू हुआ।
अब भी अमेरिका के बहुत से मंदिरों में हिंदी बाल-विहार और अन्य
गतिविधियों का एक छोटा-सा हिस्सा है जहाँ पर बच्चे सप्ताह में
एक बार या महीने में दो बार अन्य गतिविधियों के साथ-साथ हिंदी
सीखने आते हैं। अधिकतर मंदिर कोई मान्यताप्राप्त पाठ्यक्रम का
उपयोग ने करके अपने ही सुविधानुसार हिंदी की शिक्षा दे रहे
हैं। कोई मापदंड या जवाबदेही न होने के कारण बच्चों को कितनी
हिंदी आती है, इसका आकलन करना मुश्किल है।
जो
अभिभावक अपने बच्चों को नियमित रूप से भारत ले जाते रहते हैं
और अपने घरों में हिंदी को बोल-चाल की भाषा बनाए हुए हैं, उनके
बच्चों को हिंदी बोलने और समझने में कोई कठिनाई नहीं होती,
परंतु जो माता-पिता ऐसा नहीं कर पाते हैं उनके बच्चे हिंदी से
दूर होते जा रहे हैं। इन्हीं सब कठिनाइयों को देखते हुए और
भारतीय संस्कृति को अमेरिका में जीवित रखने के लिए
‘हिंदी
यू.एस.ए.’
की स्थापना छह वर्ष पूर्व न्यूजर्सी में की गई।
हिंदी यू.एस.ए.
अमेरिका में हिंदी के स्वयंसेवकों का सबसे बड़ा समूह है जिसका
सपना है कि हिंदी जन-जन और हमारे मन की भाषा बने एवं भावी
पीढ़ी हिंदी के प्रति उतनी ही निष्ठावान हो जितने कि हम हैं।
हिंदी यू.एस.ए.
का कोई सदस्यता शुल्क नहीं है और न ही इसका कोई पदाधिकारी है।
यह समूह इसके कार्यकर्ताओं की हिंदी के प्रति समर्पण और उनकी
कार्यनिष्ठा के बल पर थोड़े से ही समय में हिंदी के क्षेत्र
में अपनी एक विशेष पहचान बनाने में सफल हो सका है। हिंदी
यू.एस.ए.
के याहू ग्रुप में दो हज़ार से भी ज़्यादा सदस्य हैं। इनमें
सक्रिय सदस्यों की संख्या लगभग एक सौ है और लगातार नए सदस्य
अपना योगदान देने के लिए इस अनुपम समूह से जुड़ते जा रहे हैं।
हिंदी यू.एस.ए.
अमेरिका का पच्चीस से भी ज़्यादा हिंदी की पाठशालाएं चला रहा
है जिसमें सात सौ से भी अधिक छात्र एवं छात्राएं हिंदी की
शिक्षा छह स्तरों पर ग्रहण कर रहे हैं। हिंदी यू.एस.ए.
का प्रमुख उद्देश्य हिंदी को अमेरिका के स्कूलों में ऐच्छिक
भाषा के रूप में स्थापित करना है। हिंदी यू.एस.ए.
की हिंदी पाठशालाएं लगभग पचास स्वयंसेवी शिक्षक नियमित रूप से
चला रहे हैं।
हिंदी भाषा हिंदी यू.एस.ए.
की दृष्टि में केवल एक भाषा ही नहीं है अपितु भारतीय संस्कृति
का एक अभिन्न अंग भी है। भारतीय संस्कारों की उन्नति एवं रक्षा
के लिए हिंदी भाषा प्रज्ज्वलित रहना अत्यंत आवश्यक है। हिंदी
एक उन्नत और वैज्ञानिक भाषा है एवं विश्वभर में बोली जानेवाली
भाषाओं में द्वितीय स्थान पर है। यदि सारे भारतीय हिंदी को
अपने हृदय और मस्तिष्क की भाषा बना लें तो हिंदी विश्व की सबसे
अधिक बोली जाने वाली भाषा बन सकती है।
हिंदी ही वह भाषा है जो पूरे भारत और भारतीयों को, चाहे वे
विश्वभर में कहीं भी रहते हों, एक सूत्र में बाँध सकती है।
हिंदी ही वह धागा है जो भारत की सब प्रांतीय भाषों और प्रांत
रूपी फूलों को एक माला में पिरो सकती है। भारत और भारतीयों की
प्रकति हिंदी में है। भारत एक सांस्कृतिक देश है और किसी भी
देश की संस्कृति केवल उसकी भाषा मे ही सुरक्षित रह सकती है और
फूलती-फलती है। भारत का संगीत,नृत्य, त्यौहार, पूजा-पाठ
रीति-रिवाज, परंपराएं-सभी हिंदी भाषा पर आधारित हैं। इसलिए यह
बहुत ही सहज बात है कि यदि हम बच्चों को हिंदी सिखाएंगे तो
उन्हें भारतीय संस्कृति को समझने और अपनाने में कोई कठिनाई
नहीं होगी। मौलिक चिंतन यदि अपनी मातृभाषा में ही किया जाए तो
उसका परिणाम अधिक अनुकूल होता है। नोबेल पुरस्कार से सम्मानित
जितने भी वैज्ञानिक हुए हैं उनमें से लगभग सभी ने अपना
शोधकार्य अपनी मातृभाषा में ही किया है।
हिंदी यू.एस.ए. के उद्देश्य एवं कार्यों का विवरण इस प्रकार
दिया जा सकता हैः-
0 अमेरिका के स्कूलों में हिंदी को ऐच्छिक भाषा के रूप
में स्थापित करना। आज हमारे बच्चे स्कूलों में स्पैनिश, जर्मन,
फ्रेंच आदि भाषाएं पढ़ रहे हैं। चाईनीज भाषा भीकुछ अमेरिकी
स्कूलों में आरंभ हो गई है। हिंदी यू.एस.ए.
लगातार प्रयास कर रहा है कि सन् 2008 में न्यू के कम से कम दो
स्कूलों में हिंदी को ऐच्छिक भाषा के रूप में सम्मिलित कर लिया
जाए। हिंदी यू.एस.ए.
के कार्यकर्त्ता स्कूल बोर्ड्स के साथ बैठकें करके उन्हें
हिंदी की आवश्यकता पर व्याख्यान और पावर प्वाइंट से हिंदी पर
प्रस्तुति दे रहे हैं । अमेरिकनों को भी हिंदी सीखने की
आवश्यकता पर जोर डाला जा रहा है एवं निम्नलिखित बातों से स्कूल
बोर्ड्स को विश्वास में लिया जा रहा हैः
(क) जैसे-जैसे
भारत और अमेरिका के संबंधों में मज़बूती आएगी, अमेरिकनों को
भारत जानने में हिंदी सहायक होगी।
(ख)
अमेरिका से बहुत से विद्यार्थी आज भारत में उच्च शिक्षा एवं
प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए जा रहे हैं। हिंदी सीखना उनके
लिए उपयोगी सिद्ध होगा।
(ग)
हिंदी सीखने से अमेरिकावासियों को भारतीय संस्कृति को समझने
में सहायता मिलेगी।
(घ)
अमेरिकी पर्यटकों को हिंदी सीखने से भारत-भ्रमण में सुविधा
रहेगी।
(ङ) अमेरिकी
और भारतीय मूल के बच्चे हिंदी के माध्यम से एक-दूसरे को निकटता
से समझ पाएँगे।
(च)हिंदी
जानने से अमेरिका के ब्यापारी भारत में व्यापार आत्मविश्वास और
सहजता से कर पाएँगे।
(छ)
अमेरिकी सरकार ने भी अपने देशवासियों को हिंदी सीखने की सलाह
दी है। इसके लिए धन सुलभ कराने की भी व्यवस्था अमेरिकी सरकार
कर रही है।
0 हिंदी का छह वर्षीय पाठ्यक्रम तैयार कर भारत से पाठ्य
तथा अभ्यास पुस्तकें उपलब्ध करवाना भी संस्था का उद्देश्य है।
हिंदी यू.एस.ए. का मानना है कि बच्चों को हिंदी का आरंभिक
ज्ञान देने की आवश्यकता सबसे ज़्यादा है। हिंदी यू.एस.ए.
के शिक्षक बच्चों की आवश्यकतानुसुर स्वयं भी हिंदी की पाठ्य
एवं अभ्यास पुस्तिकाएं विदेशी बच्चो के अनुसार लिखकर हिंदी
यू.एस.ए.
प्रकाशन ब्यवस्था की ओर से प्रकाशित करवा रहे हैं।
0
हिंदी यू.एस.ए.
शिक्षकों का चुनाव करके और उन्हें प्रशिक्षण देकर उनमें
आत्मविश्वास की भावना जागृत करने में संलग्न है।
0 हिंदी यू.एस.ए.
अभी तक हिंदी की तीन वार्षक प्रशिक्षाएं छह स्तरों में आयोजित
कर चुका है उत्तीर्ण विद्यार्थियों को हिंदी के उच्च स्तर में
प्रवेश मिलता है। सभी विद्यार्थियों को प्रेरणा देने के लिए
उन्हें पदक और प्रमाण-पत्र दिए जाते हैं।
0 हिंदी यू.एस.ए.
हिंदी प्रेमियों को स्वयंसेवक बनाकर हिंदी से जोड़ने के लिए
प्रयत्नशील है।
0 हिंदी सीखनेवाले बच्चों को हिंदी महोत्सव के द्वारा
प्रोत्साहित किया जाता है। हिंदी महोत्सव अमेरिका में हिंदी का
सबसे बड़ा कार्यक्रम है।समाज मे हिंदी के प्रति जागरूकता पैदा
करने के लिए तता अमेरिका में जन्मी युवा पीढी में हिंदी भाषा
को संस्थापित करने के लिए हिंदी यू.एस.ए. प्रतिवर्ष हिंदी
महोत्सव का आयोजन करता है्। इसका उद्देश्य बच्चों को हिंदी
बोलने के लिए मंच प्रदान करना है। साथ ही विभिन्न प्रकार की
प्रतियोगिताओं का आयोजन कर बच्चों में हिंदी सीखने के लिए रुचि
बढ़ाना तथा प्रतिस्पर्धा की भावना पैदा करना है। हिंदी महोत्सव
के माध्यम से अभिभावकों को अपने को अपने बच्चों की प्रतिभा के
अलावा अन्य बच्चों की प्रतिभा भी देखने को मिलती है। बड़े
जनसमूह के सामने प्रदर्शन करने से बच्चे में आत्म-विश्वास तथा
गर्व की भावना का प्रार्दुभाव होता है। हिंदी महोत्सव द्वारा
हिंदी पाठशालाओं में विद्यार्थियों के हिंदी बोलने के कौशल को
तो प्रस्तुत किया ही जाता है पर साथ ही साथ अन्य बच्चों को भी
हिंदी सीखने के लिए प्रेरित किया जाता है। श्रोताओं द्वारा की
गी करतल ध्वनि बच्चों को सदा हिंदी सीखने के प्रेरणा देती है।
हिंदी महोत्सव के दूसरे चरण में विशाल कवि सम्मेलन का आयोजन
किया जाता है जिसमें भारत से पधारे कवियों की हृदयास्पर्शी
कविताएं होती हैं जो समाज को एक स्वस्थ मनोरंजन के साथ-साथ सही
दिशा में कर्मशील बनने का संदेश भी देती हैं। हिंदी महोत्सव के
माध्यम से श्रोताओं को ऐसे महान् लोगों के उद्गार सुनने को
मिलते हैं जो उच्च पद तथा प्रतिष्ठा प्राप्त करने के बाद भी
सदैव अपनी भाषा पर गर्व करते हैं।
0 हिंदी साहित्य को प्रोत्साहन देना भी एक सकारात्मक
कदम होता है। हिंदी यू.एस.ए.
भारतीय मेलों में पुस्तकों के स्टाल लगाकर बच्चों की
पाठ्यपुस्तकें तथा कहानियों की पुस्तकें उचित मूल्य पर उपलब्ध
कराकर बच्चों को हिंदी सीखने की प्रेरणा देता है और उन्हें
भारत की महान संस्कृति से परिचित करवाता है। वयस्कों के
सामाजिक, धार्मिक, राजनैतिक तथा ऐतिहासिक उपन्यास तथा काव्य भी
लोगों को उपलब्ध कराए जाते हैं। हिंदी यू.एस.ए.
अमेरिका के कवियों, साहित्यकारों कता हिंदी शिक्षण में अमूल्य
योगदान देनेवाले हिंदी प्रेमियों को भी प्रोत्साहित तथा
सम्मानित करता है।
0 हिंदी यू.एस.ए.
वेब टीम हिंदी टाइपिंग के शिविरों का आयोजन करके बच्चों और
व्यस्कों को हिंदी में टाइप करना सिखाती है। टाइपिंग विशेष
कक्षाओं में आकर या वेब काफ्रेस में सम्मिलित होकर सीखी जा
सकती है। इस तरह हिंदी यू.एस.ए.
हिंदी लिपी की करने का प्रयास कर रहा है।
हिंदी यू.एस.ए.
भारतीय दुकानों के साइन बोर्ड्स हिंदी में करवाने के लिए भी
प्रयत्नशील है। कुछ दुकानों ने अपने साइन बोर्ड्स हिंदी में
करवा भी लिए हैं।
0 हिंदी के माध्यम से भारत की एकता को दृढ़ बनाना भी
हिंदी यू.एस.ए.
के कार्यों में से एक है।
हिंदी ही भारत को कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक जोड़ सकती है।
हिंदी के माध्यम से अमेरिका में रहनेवाले विभिन्न प्रांतों के
भारतवंशियों, जो अलग-अलग मातृभाषाएं होने के कारण एक-दूसरे से
दूर हो गए हैं, को भी जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
हिंदी यू.एस.ए.
विश्व हिंदी सम्मेलन के अमेरिका में आयोजन और इसकी सफलता के
लिए आयोजकों, भारत सरकार, भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद् तथा
विदेश मंत्रालय के हिंदी विभाग को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित
करता है। हमें आशा है कि इस आयोजन के बाद हिंदीसेवियों का
उत्साह और आपस में मिलकर काम करने की क्षमता में तेज़ी आएगी।
(चेतना का आत्मसंघर्ष से,
हिंदी की इक्कीसवीं सदी, हिंदी उत्सव ग्रंथ से)
देवेन्द्र सिंह
न्यू जर्सी, यू.एस.ए
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