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सृजनगाथा

 

 ई-पताः srijangatha@gmail.com

वागर्थ प्रतिपत्तये

वर्ष-2, अंक-22, मार्च, 2008

अपनी बात कविता छंद ललित निबंध कहानी लघुकथा व्यंग्य संस्मरण थोपकथन भाषांतर संस्कार

मूल्याँकन हस्ताक्षर पुस्तकायन विचार-वीथी प्रसंगवश इनदिनों हिंदी-विश्व लोक-आलोक व्याकरण तकनीक

बचपन शेष-विशेष हलचल विशेषांक सृजनधर्मी लेखकों से संपादक बनें चतुर्दिक पुरातनअंकअभिमतमुख्यपृष्ठ

 

।। हलचल ।।

 

 

राष्ट्रीय अंलकरणों से रचनाकार सम्मानित

 

31रायपुर। सृजन-सम्मान द्वारा विगत 6 वर्षों से दिया जाने वाला प्रतिष्ठित राष्ट्रीय अलंकरण द्वितीय दिवस समापन समारोह में राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के हाथों प्रदान किया गया जिन्हें इस अवसर पर विशेष योगदान हेतु सम्मानित गिया गया वे हैं -पद्मभूषण पं.झावरमल्ल शर्मा(पत्रकारिता)सम्मान-विश्वनाथ सचदेव,मुंबई, पद्मश्री मुकुटधर पांडेय(लघुपत्रिका)सम्मान-मसि कागद,श्री श्याम सखा श्याम, रोहतक, माधवराव सप्रे(लघुकथा)सम्मान- सुकेश साहनी, बरेली, महाराज चक्रधर सिंह(ललित निबंध)सम्मान-रंजना अरगड़े, अहमदाबाद, महंत बिसाहूदास(कबीर साहित्य)सम्मान-डॉ.हीरालालशुक्ल,भोपाल,प.राजेन्द्रप्रसाद शुक्ल(समग्र व्यक्तित्व)सम्मान-केशरीनाथत्रिपाठी,लखनऊ,हरि ठाकुर(समग्र कृतित्त्व)सम्मान-कमल किशोर गोयनका, दिल्ली,नारायण लाल परमार(गीत)सम्मान-निर्मल शुक्ल, लखनऊ, डॉ. बल्देव मिश्र (कहानी)सम्मान-श्री सुरेन्द्र तिवारी,दिल्ली, मिनीमाता (दलित विमर्श)सम्मान-डॉ. विनय पाठक,बिलासपुर, महेश तिवारी (विचारात्मक लेखन)सम्मान-श्री मोहनदास नैमिशराय,मेरठ, मुस्तफ़ा हुसैन मुश्फ़िक(गीत/ग़ज़ल)सम्मान-हस्तीमल हस्ती, मुंबई मावजी चावड़ा(बाल साहित्य)सम्मान-भैरूलाल गर्ग, जयपुर, धुन्नी दुबे(आंचलिक पत्रकारिता)सम्मान-रावलमल जैनमणि,दुर्ग, प.गोपाल मिश्र(कविता/गीत)सम्मान-डॉ.अजयपाठक, बिलासपुर, रामचंद्र देशमुख(लोक-रंग)सम्मान-दिलीप षडंगी,लोकगायक,रायगढ़, राजकुमारी पटनायक(भाषा सेवा)सम्मान-नंदकिशोर तिवारी,बिलासपुर, विश्वम्भरनाथ ठाकुर(छंदगीत)सम्मान-बुद्धिनाथ मिश्र, देहरादून, उत्तरांचल, समरथ गवंईहा(व्यंग्य-आलोचना)सम्मान- सुभाष चंदर,नई दिल्ली, गृंधमुनि साहब(कबीर साहित्य)सम्मान-आनंद प्यासी, भोपाल, दादा अवधूत (शिक्षा-संस्कृति)सम्मान-डॉ. रामनिवास मानव, हिसार, अनुवाद सम्मान-कालिपद दास, कोलकाता, हिंदी गौरव सम्मान (हिंदी-वेबसाइट) पूर्णिमा वर्मन, दुबई, प्रवासी सम्मान (विदेश मे हिंदी सेवा) आदित्य प्रकाशसिंह,डैलास,युएसए, प्रथमकृति(प्रथमकाव्य-कृति)सम्मान-अरविंदमिश्रा,,राजनांदगाँव, पं.माधवप्रसाद तिवारी सम्मान (अनुवाद)कालिपद दास, कोलकाता, बी.आर.नायडू (अहिंदीभाषी)सम्मान- डॉ. तिप्पेस्वामी,मैसूर, कृति सम्मान(श्रेष्ठ पांडुलिपि)-लक्ष्मण मस्तुरिया, रायपुर, षष्टिपूर्ति सम्मान(वरिष्ठ साहित्यकार) बच्चू जांजगिरी, रायपुर, विशेष सम्मान(लघुकथा में विशेष योगदान)-आचार्य सरोज द्विवेदी, राजनांदगाँव। संस्था द्वारा सम्मान स्वरुप रचनाकारों को नगद राशि(21, 11, 5, हजार रुपये), प्रशस्ति पत्र, प्रतीक चिन्ह, शॉल, श्रीफल एवं 1000 रुपयों की कृतियाँ भेंट की गयीं।

 

लेखक नक्सलवाद के खिलाफ आगे आयें- मुख्यमंत्री

 

मुख्य अतिथि  की आसंदी से मुख्यमंत्री श्री रमन सिंह ने देश-विदेश के रचनाकारों से कहा कि कुछ अतिवादी लेखक देश में और खासतौर पर राज्य में नक्सलवाद की गलत छवि रख रहे हैं यह भ्रामक लेखन है । अब समय आ गया है कि प्रजातांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए लेखक नक्सलवाद के खिलाफ अपनी कलम को धार-धार बनायें ।

 

 

कविता एवं लघुकथा पाठ का भव्य आयोजन

सांध्यकालीन कार्यक्रम में प्रख्यात कबीर गायक भारती बंधु ने साज़ और आवाज़ के तार छेड़े । कबीर राग नामक यह आयोजन अत्यंत प्रभावशाली रहा । इसके बाद विशिष्ट रचनाकारों द्वारा काव्य पाठ हुआ जिसमें जनकवि आनंदीसहाय शुक्ल ने गीत, हस्तीमल हस्ती ने ग़ज़ल,  निर्मल शुक्ल ने नवगीत,  विश्वरंजन ने कविता, डॉ. रामनिवास मानव ने दोहे, संतोष रंजन ने गीत तथा लक्ष्मण मस्तूरिया ने छत्तीसगढ़ी रचना सुनाकर साहित्यकारों का मन मोह लिया । जयप्रकाश मानस ने संचालन किया  इसके पश्चात नव-कलरव के अंतर्गत अनेकों उपस्थित लघुकथाकारों ने अपनी-अपनी लघुकथाओं का पाठ किया।

 

सम्मेलन के द्वितीय दिवस 17 फ़रवरी को ब्लॉगर रवि रतलामी ने इंटरनेट पर हिंदी लेखन को लेकर जानकारी दी जिसका लेखकों ने भरपूर फायदा उठाया ।

 

कई दर्जन किताबें विमोचित

 

इस साहित्यिक कुंभ में जिन कृतियों का विमोचन हुआ उसमें सृजनगाथा (स्मारिका), कथा-लघु(लघुकथा संग्रह)- डॉ. महेन्द्र ठाकुर, लघुकथा का भविष्य (विमर्श)- संपादन- राम पटवा, एक नई पूरी सुबह(कवि विश्वरंजन पर एकाग्र, संपादन-जयप्रकाश मानस), छत्तीसगढ़ का सैंतीसवाँ गढ-बच्चू जाँजगिरी(व्यक्तित्व)- संपादन- डॉ. सुधीर शर्मा, अद्वितीय कवि- आनंदी सहाय शुक्ल (व्यक्तित्व)- सपांदन – डॉ. बलदेव, बातचीत डॉट कॉम (साक्षात्कर)- जयप्रकाश मानस, लोक-वीथी (लघुकथा)- रमेश दत्त दुबे, लघुकथा संग्रह- शैल चन्द्रा, लघुकथा का गढ़ -डॉ. राजेन्द्र सोनी, पंडवानी और तीजनबाई(व्यक्तित्व)- सरला शर्मा, ईश्वर का वैज्ञानिक दर्शन(निबंध)- अजय शर्मा, सिर्फ सत्य के लिए (कविता)- लक्ष्मण मस्तुरिया, इंग्लैंड में भारत(यात्रा)- डॉ. जे. आर. सोनी, परत-दर-परत(लघुकथा)- के.पी.सक्सेना दूसरे, हर बार यही होता है(कविता)- सलीम अख्तर, मेरा ईश्वर (कविता)- रजनी शर्मा, आत्महत्या(शोध)- गौतम पटेल, नील गगन की छाँव में (बालगीत- प्रमोद कुमार पुष्प), प्रमुख हैं ।

 

कविता एवं लघुकथा पाठ का भव्य आयोजन

 

सांध्यकालीन कार्यक्रम में प्रख्यात कबीर गायक भारती बंधु ने अपने साज़ और आवाज़ के तार छेड़े। कबीर राग नामक यह आयोजन अत्यंत प्रभावशाली रहा । इसके बाद विशिष्ट रचनाकारों द्वारा काव्य पाठ हुआ जिसमें जनकवि आनंदीसहाय शुक्ल ने गीत, हस्तीमल हस्ती ने ग़ज़ल,  निर्मल शुक्ल ने नवगीत,  विश्वरंजन ने कविता, डॉ. रामनिवास मानव ने दोहे, संतोष रंजन ने गीत तथा लक्ष्मण मस्तूरिया ने छत्तीसगढ़ी रचना सुनाकर साहित्यकारों का मन मोह लिया । जयप्रकाश मानस ने संचालन किया  इसके पश्चात नव-कलरव के अंतर्गत अनेकों उपस्थित लघुकथाकारों ने अपनी-अपनी लघुकथाओं का पाठ किया।

 

सम्मेलन के द्वितीय दिवस 17 फ़रवरी को ब्लॉगर रवि रतलामी ने इंटरनेट पर हिंदी लेखन को लेकर जानकारी दी जिसका लेखकों ने भरपूर फायदा उठाया ।

 

कई दर्जन किताबें विमोचित

 

इस साहित्यिक कुंभ में जिन कृतियों का विमोचन हुआ उसमें सृजनगाथा (स्मारिका), कथा-लघु(लघुकथा संग्रह)- डॉ. महेन्द्र ठाकुर, लघुकथा का भविष्य (विमर्श)- संपादन- राम पटवा, एक नई पूरी सुबह(कवि विश्वरंजन पर एकाग्र, संपादन-जयप्रकाश मानस), छत्तीसगढ़ का सैंतीसवाँ गढ-बच्चू जाँजगिरी(व्यक्तित्व)- संपादन- डॉ. सुधीर शर्मा, अद्वितीय कवि- आनंदी सहाय शुक्ल (व्यक्तित्व)- सपांदन – डॉ. बलदेव, बातचीत डॉट कॉम (साक्षात्कर)- जयप्रकाश मानस, लोक-वीथी (लघुकथा)- रमेश दत्त दुबे, लघुकथा संग्रह- शैल चन्द्रा, लघुकथा का गढ़ -डॉ. राजेन्द्र सोनी, पंडवानी और तीजनबाई(व्यक्तित्व)- सरला शर्मा, ईश्वर का वैज्ञानिक दर्शन(निबंध)- अजय शर्मा, सिर्फ सत्य के लिए (कविता)- लक्ष्मण मस्तुरिया, इंग्लैंड में भारत(यात्रा)- डॉ. जे. आर. सोनी, परत-दर-परत(लघुकथा)- के.पी.सक्सेना दूसरे, हर बार यही होता है(कविता)- सलीम अख्तर, मेरा ईश्वर (कविता)- रजनी शर्मा, आत्महत्या(शोध)- गौतम पटेल, नील गगन की छाँव में (बालगीत- प्रमोद कुमार पुष्प), प्रमुख हैं ।

 

अपनी ओर से मैं इस सम्मेलन के लिए यही कह सकती हूँ कि सच में यह एक सफल प्यास के रूप में एक कुंभ ही रहा। अब हिन्दुस्तान की राष्ट्रभाषा हिन्दी का प्रचार-प्रसार रायपुर में प्रवाहित हुआ है जिसकी प्रत्यक्षतः इस सम्मेलन में कल-कल करती हुई धारा स्वरूप देखी और सुनी जा सकती है। रायपुर में देश- विदेश समा सकता है यह पहली बार देखा।

 

13, 14, 15 जुलाई 2007 के 8वे विश्व हिन्दी समेलन में देश-विदेश में आया और वो विश्वा हिन्दी सम्मेलन हो गया। रायपुर में संपन्न आयोजन स्तर और पैमाना दोनों ही दृष्टिकोणों से किसी भी अंतराष्ट्रीय सम्मेलन, किसी विश्व सम्मेलन से कम नहीं था । जिस आत्मीयता, आदर सम्मान से अनेकों साहित्यकारों को सन्मानित किया गया उसके लिए सृजन संस्था के समन्वयक जयप्रकाश मानस, डॉ. सुधीर शर्मा, डॉ. राजेन्द्र सोनी, राम पटवा जी को हार्दिक बधाई दिया जाना चाहिए, जिन्होंने यह भार अपने कंधों पर लिया और सफलता से संपूर्णता तक ले पहुँचाए। विशेष बड़ाई इस कुंभ कार्यक्रम के अध्यक्ष श्री सत्यनारायण शर्मा जी को है।

(देवी नागरानी, न्यू जर्सी की रिपोर्ट)

(छाया चित्र के लिए क्लिक कीजिए यहाँ)

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अपनी बात कविता छंद ललित निबंध कहानी लघुकथा व्यंग्य संस्मरण थोपकथन भाषांतर संस्कार

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संपादकः जयप्रकाश मानस संपादक मंडलः डॉ.बलदेव,गिरीश पंकज, संतोष रंजन, राम पटवा, डॉ.सुधीर शर्मा, डॉ.जे.आर.सोनी, कामिनी, प्रगति

तकनीकः प्रशांत रथ

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