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अभिनव चुटकियाँ-2
दिल्ली
जयपुर लखनऊ काशी हैदराबाद,
मासूमों का खून क्यों बहा यहाँ उस्ताद।
हमने तुमने सुन लिया किया बड़ा अफ़सोस,
बोल नहीं पाये कभी जय सुभाष चन्द्र बोस।
खेल-कूद
में कूद रहे भोगी अब सामंत,
लीडर अपने हों चिअर संस्कृति का अंत,
युगों युगों तक गूंजता उनका ही अस्तित्व,
चुटकी में जो छोड़ते राज पाट सर्वस्व।
अभिनव शुक्ला
206-694-3353
Seattle, WA, USA
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