vbn

SRIJANGATHA.COM

साहित्य, संस्कृति व भाषा का अंतर्राष्ट्रीय मंच

सृजनगाथा

 

 ई-पताः srijangatha@gmail.com

वागर्थ प्रतिपत्तये

वर्ष-3, अंक-26, जुलाई, 2008

अपनी बात कविता छंद ललित निबंध कहानी लघुकथा व्यंग्य संस्मरण थोपकथन भाषांतर संस्कार

मूल्याँकन हस्ताक्षर पुस्तकायन विचार-वीथी प्रसंगवश इनदिनों हिंदी-विश्व लोक-आलोक व्याकरण तकनीक

बचपन शेष-विशेष हलचल विशेषांक सृजनधर्मी लेखकों से संपादक बनें चतुर्दिक पुरातनअंकअभिमतमुख्यपृष्ठ

 

।। तकनीक ।।

 

 

एसएमएस की रंगीन दुनिया


रविशंकर श्रीवास्तव

 

U r Gr8 जैसे संक्षिप्त शब्दों व गूढ़ार्थों वाले अक्षरों को मिलाकर जब एसएमएस का फंडा जाने अनजाने रचा गया था, तब मोबाइल डिवाइसों और चैट स्क्रीनों पर तीव्रता से और सही तरीके से टाइप करने में समस्या ही मुख्य वजह रही होगी। तब किसी को सपने में भी यह भान नहीं रहा होगा कि किसी दिन हर कोई एक दूसरे को एसएमएस संदेश भेजता फिरेगा और एसएमएस संदेशों के कारोबार भी करोड़ों अरबों रुपयों के होंगे।

 

विश्व के नए सात आश्चर्य से लेकर इंडियन आइडल और संगीत का विश्वयुद्ध तक सबमें एसएमएस के व्यापार का अच्छा-ख़ासा गणित था। बेचारे उपभोक्ता को बहला कर, फुसला कर, बेवकूफ़ बना कर, उसकी भावनाओं को उकसा कर एसएमएस करने को उद्वेलित किया गया और नतीजतन करोड़ों एसएमएस किए गए। इस किस्म के एसएमएस प्रीमियम एसएमएस होते हैं जिसमें महज चार शब्दों के एसएमएस भेजने के लिए प्रत्येक एसएमएस संदेश प्रेषण के लिए तीन रुपए तक लिए जाते हैं। इससे अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि किस तरह करोड़ों के कारोबार का खेल चल रहा है।

 

मगर, हम सभी, भले ही कुछ मार्केटिंग करने वाले एसएमएस संदेशों से चिढ़ते हों आमतौर पर मनोरंजक एसएमएस संदेश जिसे आए दिन लोगबाग अपने मित्रों परिचितों व रिश्तेदारों को आँखें मूँद कर फ़ॉरवर्ड करते फिरते हैं, क्षणिक ही सही, हमारा मनोरंजन करने में अच्छे-खासे समर्थ होते हैं। एसएमएस संदेशों में प्रायः हास्य का पुट होता है, मगर कई संदेश जीवन के फ़लसफ़े को गहराई से प्रतिबिंबित करते हैं।

 

आप भी यदा-कदा एसएमएस भेजते होंगे। बहुत संभव है आप अपने पास आए संदेशों को फ़ॉरवर्ड करते होंगे। मोबाइल उपकरणों के छोटे और अजीब किस्म के कुंजीपटों में संदेश चाहे जितने छोटे हों, टाइप करने में पसीना आता तो है। फिर भी, यदि कुछ नया सा एसएमएस संदेश आप अपने मित्रों को भेजें तो उन्हें भी मज़ा आए।

 

अब सवाल ये है कि मौक़े व नज़ाकत के अनुरूप फिट होने वाले नए, बढ़िया एसएमएस संदेश आख़िर कहाँ से मिलेंगे। आपकी सुविधा के लिए बाज़ार में एसएमएस की कई किताबें उपलब्ध हैं। इन किताबों में हिन्दी – रोमन हिन्दी में एसएमएस संदेश होते हैं। ये किताबें 5 रुपए मूल्य से लेकर 50 रुपए तक की हो सकती हैं, और छोटी-सी गुटिका की शक्ल से लेकर पॉकेट बुक आकार में भी मिल सकती हैं। और, विषय तथा नाम – आप इन किताबों के नामानुरूप अंदाज़ा तो लगा ही सकते हैं –

झकास एसएमएस

रसभरी शायरी एसएमएस

धूम मचाले एसएमएस

मस्त एसएमएस

कजरारे एसएमएस

दिवानगी एसएमएस

क्रेजी किया रे एसएमएस

दिल धड़काए एसएमएस

 

और आपको आश्चर्य नहीं होना चाहिए कि ऐसी किताबों के प्रकाशकों में कुछ बड़े संस्थान भी हैं – जाहिर है, एसएमएस के बड़े धंधे को हर कोई कैश कराना चाहता है।

 

इसी तरह हिन्दी/रोमन हिन्दी में एसएमएस के लिए कई जाल स्थल भी हैं जहाँ से आपको सैकड़ों एसएमएस संदेश मुफ़्त में मिल सकते हैं। जिन्हें आप अपने मोबाइल सिंक सॉफ़्टवेयर के जरिए कॉपी पेस्ट कर भी प्रयोग कर सकते हैं। ध्यान रखें कि आमतौर पर रोमन हिन्दी ही मोबाइल फोनों में प्रचलित है। यदि आप यूनिकोड हिन्दी में किसी को एसएमएस संदेश भेजते हैं तो इस बात की पूरी संभावना है कि पाठ बिगड़ जाए और मज़ा किरकिरा हो जाए।

 

हिन्दी एसएमएस के कुछ अच्छे जालस्थल हैं –

1 2 3 4 5 6

    रविशंकर श्रीवास्तव

100, सुकृति, राजीव नगर (कस्तूरबा)

रतलाम, म.प्र - 457001

◙◙◙

 

 

अपनी बात कविता छंद ललित निबंध कहानी लघुकथा व्यंग्य संस्मरण थोपकथन भाषांतर संस्कार

मूल्याँकन हस्ताक्षर पुस्तकायन विचार-वीथी प्रसंगवश इनदिनों हिंदी-विश्व लोक-आलोक व्याकरण तकनीक

बचपन शेष-विशेष हलचल विशेषांक सृजनधर्मी लेखकों से संपादक बनें चतुर्दिक पुरातनअंकअभिमतमुख्यपृष्ठ

संपादकः जयप्रकाश मानस संपादक मंडलः डॉ.बलदेव,गिरीश पंकज, संतोष रंजन, राम पटवा, डॉ.सुधीर शर्मा, डॉ.जे.आर.सोनी, कामिनी, प्रगति

तकनीकः प्रशांत रथ

Google