vbn

SRIJANGATHA.COM

साहित्य, संस्कृति व भाषा का अंतर्राष्ट्रीय मंच

सृजनगाथा

 

 ई-पताः srijangatha@gmail.com

वागर्थ प्रतिपत्तये

वर्ष-3, अंक-26, जुलाई, 2008

अपनी बात कविता छंद ललित निबंध कहानी लघुकथा व्यंग्य संस्मरण थोपकथन भाषांतर संस्कार

मूल्याँकन हस्ताक्षर पुस्तकायन विचार-वीथी प्रसंगवश इनदिनों हिंदी-विश्व लोक-आलोक व्याकरण तकनीक

बचपन शेष-विशेष हलचल विशेषांक सृजनधर्मी लेखकों से संपादक बनें चतुर्दिक पुरातनअंकअभिमतमुख्यपृष्ठ

 

।। छंद ।।

 

 

उमरिया कैसे बीते राम!

 

़ू, पीठ पर चाबुक मारे,

तृष्णा कसे लगाम,

उमरिया कैसे बीते राम!

 

तपता सूरज धौंस दिखाये,

डाट गई पुरवैया।

दिन भर तोड़ा हाड़, मज़ूरी,

पाया बीस रूपैया।

       ख़ून-पसीने से महँगे हैं,

       नून-तेल के दाम।

उमरिया कैसे बीते राम!

 

तन पर चिथड़े खुली हथेली,

पैरों फटी बिवाई।

चले संगिनी जैसी काले-

़िस्मत की परछाई।

       जाने किन कर्मों के फल के,

       भोग रहे परिणाम।

उमरिया कैसे बीते राम!

 

टूटे सपने, बिखरे जीवन

के संकल्प अधूरे।

महा-सनीचर तिरछी आखों से

जीवन को घूरे।

       ख़ुशियों के आगे संबोधन,

       पीछे पूर्ण विराम।

उमरिया कैसे बीते राम!

 

लेकर सबको साथ समय के,

रथ का पहिया दौड़े।

जिसका हो गंतव्य, उसे वह

उस मंजिल तक छोड़े।

       बीच राह में थका सारथी,

       रथ का चक्का-जाम।

उमरिया कैसे बीते राम!

 

पत्थर तोड़े और पसीने

का जो अर्ध्य चढ़ाये।

वक्त कहाजो मूरत पूजे,

मंदिर-मठ को जाये।

       रोटी उसकी काबा-काशी,

       रोटी तीरथ-धाम।

उमरिया कैसे बीते राम! 

    अजय पाठक

बिलासपुर, छत्तीसगढ़

 ◙◙◙

 

माह के छंदकार

योगेन्द्र दत्त शर्मा

-  आहत सब दृश्य हुए

- मंगल-घट फूट गया

- सहमी हुई मन की नदी

- यह घर अपरिचित-सा हुआ

- अपनी यही यात्रा-कथा

ग़ज़ल

ज़हीर कुरैशी

रमेशचन्द शर्मा 'चन्द्र'

विजय किशोर मानव

विनीता गुप्ता

श्याम सखा 'श्याम'

नवगीत

अनिरूद्द नीरव

मुक्तक

देवमणि पांडेय

प्रवासी क़लम

कमल किशोर सिन्ह

 अजय गाथा

उमरिया कैसे बीते राम

 

 

 

अपनी बात कविता छंद ललित निबंध कहानी लघुकथा व्यंग्य संस्मरण थोपकथन भाषांतर संस्कार

मूल्याँकन हस्ताक्षर पुस्तकायन विचार-वीथी प्रसंगवश इनदिनों हिंदी-विश्व लोक-आलोक व्याकरण तकनीक

बचपन शेष-विशेष हलचल विशेषांक सृजनधर्मी लेखकों से संपादक बनें चतुर्दिक पुरातनअंकअभिमतमुख्यपृष्ठ

संपादकः जयप्रकाश मानस संपादक मंडलः डॉ.बलदेव,गिरीश पंकज, संतोष रंजन, राम पटवा, डॉ.सुधीर शर्मा, डॉ.जे.आर.सोनी, कामिनी, प्रगति

तकनीकः प्रशांत रथ

Google