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हिंदी के ब्लॉगरों
होंगे
प्रतिवर्ष सम्मानित
रायपुर।
छत्तीसगढ़ की बहुआयामी सांस्कृतिक संस्था
“सृजन-सम्मान”
ने हिंदी ब्लॉगरों को, प्रिंट
माध्यम के
साथ-साथ वेब माध्यम में प्रसारित रचनात्मक हिंदी, साहित्य,
विचार लेखन को सम्मानित करने का निर्णय लिया
है ताकि मूल लेखन के समानांतर वेब पर सक्रिय हिंदी ब्लॉगरों के
योगदान का मूल्याँकन प्रारंभ हो सके, प्रिंट व अन्य माध्यमों
में सक्रिय रचनाकारों, पत्रकारों एवं संस्कृतिकर्मियों को वेब
पर पलक झपकते ही विश्व के कोने-कोने तक पहुँचने वाली सशक्त
माध्यम ब्लागिंग की सम्यक जानकारी भी मिल सके, रुझान पैदा हो
सके । कदाचित् यह हिंदी और खासकर साहित्यिक दुनिया में यह नया
कदम साबित होगा और हिंदी, साहित्य, संस्कृति के ब्लॉगरों का
अकादमिक मूल्याँकन कार्य़ की शुरुआत भी इससे हो सकेगी । संस्था
ने यह भी निर्णय लिया है कि ऐसे चिट्ठेकारों को प्रतिवर्ष
सम्मानित किया जायेगा ।
चयन का सामान्य आधार-
संस्था
3
ऐसे हिंदी
चिट्ठाकारों को सम्मानित करना चाहती है,
जिन्हें
भाषा,
शिल्प,
विषय
वस्तु,
प्रभाव,
सादगी,
व्यूवरशीप
एवं अन्य कारणों से आदर्श कहा
जा सके ।
संस्था
यह भी अपेक्षा रखती है कि ऐसे चिट्ठाकार जो बड़े महानगर के न
हों
और जो
तकनीकी और संचार के आधुनिक सुविधाओं से भी विशेष रूप से न
जुड़े हों । वे लगातार अपनी मौलिक रचनात्मकता को भी अंतरजाल पर
सिद्ध
करते रहे हों । किन्तु अंतिम चयन निर्णायक मंडल के विवेक पर ही
किया जायेगा ।
निर्णायक
मंडल-
-
रविशंकर श्रीवास्तव
(रवि रतलामी), हिंदी-ब्लागिंग विशेषज्ञ, रतलाम, मध्यप्रदेश
-
बालेंदु दाधीच,
संपादक, प्रभासाक्षी डॉट कॉम, नई दिल्ली
-
जयप्रकाश मानस,
संपादक, सृजनगाथा डॉट कॉम, रायपुर-
समन्वयक
प्रविष्टि के नियम-
यूँ तो निर्णायक मंडल के विषय विशेषज्ञ लगभग ऐसे सभी ब्लॉगों
की जानकारी (नेट पर उपलब्ध तकनीकी सुविधा के कारण) रखते हैं ।
तथापि हिंदी ब्लॉगरों से आग्रह है किया गया है कि वे अपनी
प्रविष्टि निम्नांकित जानकारियों के साथ
श्री रवि रतलामी को
30 दिसम्बर 2007 तक भेज सकते हैं। अंतिम रूप से चयनित 3 हिंदी
ब्लॉगरों को अपना बायोडेटा व एक छायाचित्र सृजन-सम्मान,
छत्तीसगढ़ को स्मारिका में प्रकाशनार्थ भेजना होगा तथा समारोह
में सम्मान-स्वीकृति का पत्र 15 जनवरी 2008 तक प्रेषित करना
होगा ।
1.
नाम
2.
स्थान, जहाँ से यह ब्लॉग संचालित कर रहे हैं
3.
ब्लॉग का केंद्रीय विषय
4.
ब्लॉग में कुल प्रविष्टि
5.
मौलिक लेखन या पूर्व प्रकाशित सामग्री का प्रकाशन
6.
ब्लॉग का युआरएल
7.
संपर्क हेतु ई-मेल
सम्मान-विवरण
1.
निर्णायक मंडल के सदस्य द्वय श्री रतलामी व श्री दाधीच जी के
अंतिम अनुशंसा के आधार पर 3 सर्वश्रेष्ठ हिंदी ब्लॉगरों को
सम्मान-स्वरूप
2000
रुपयों की
साहित्यिक
कृतियाँ,
मोमेन्टो
(प्रतीक चिंह),
सम्मान-पत्र,
शॉल एवं
श्रीफल से
सम्मानित
किया जायेगा । यह सम्मान संस्था
द्वारा रायपुर में आयोजित छठवें अखिल भारतीय साहित्य
महोत्सव-07 (16-17 फरवरी, 2008) में राज्य के राज्यपाल, मुख्य
मंत्री व देश के प्रमुख साहित्यकार के हाथों दिया जायेगा ।
2.
इसके अलावा
संस्था
की तीन सहयोगी एवं महत्वपूर्ण पत्रिकायें सद्भावना दर्पण
(अनुवाद की त्रैमासिक पत्रिका-संपादक गिरीश पंकज), मीडिया
विमर्श (संपादक-संजय द्विवेदी) तथा साहित्य वैभव (संघर्षशील
रचनाकारों की मासिक पत्रिका, संपादक-डॉ. सुधीर शर्मा),
पहचान यात्रा (नई चेतना की त्रैमासिक पत्रिका,
संपादक-डॉ.राजेन्द्र सोनी) निःशुल्क 1 वर्ष तक प्रदान की
जायेगी ।
3.
सम्मानित होने वाले ब्लॉगरों की कोई स्तरीय एवं साहित्यिक
पांडुलिपि
संस्था
को
प्रस्तुत होने पर
संस्था
उसे निःशुल्क प्रकाशित कर सकेगी । तथा ऐसे रचनाकार को संबंधित
कृति की 100 प्रतियाँ अर्थात् (लगभग10,000 रुपये का सहयोग)प्रदान
किया जायेगा ।
4.
संस्था
द्वारा प्रकाशित ऐसी कृतियों पर राज्य एवं राज्य से बाहर की
इकाईयों में चर्चा गोष्ठियाँ भी आयोजित की जायेगी ।
टीपः-
संस्था
द्वारा भोजन एवं आवास की व्यवस्था भी सम्मान समारोह-16-17
फरवरी, 2008 के दौरान की जायेगी ।
उनका बोयोडेटा सचित्र
संस्था
के वार्षिकांक-स्मारिका में प्रकाशित की जायेगी। सृजन-सम्मान
रचनाकारों की संस्था
है फलस्वरूप संस्था चाहते
हुए भी उनके मार्ग-व्यय की व्यवस्था की स्थिति में नहीं है ।
(डॉ.राजेन्द्र
सोनी, महासचिव, सृजन-सम्मान की रिपोर्ट)
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