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सृजनगाथा

 

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वागर्थ प्रतिपत्तये

वर्ष-2, अंक-20, जनवरी, 2008

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।। हलचल ।।

 

 

 जावेद रज़ा का दूसरा मैं लोकार्पित...

मुंबई । महानगर की साहित्यिक संस्था श्रुति संवाद साहित्य कला अकादमी के बैनर तले वरिष्ठ शायर जनाब जावेद रज़ा के पहले ग़ज़ल संग्रह दूसरा मैं का लोकार्पण बैंक ऑफ इंडिया के बेलापुर स्थित सभागार में संपन्न हुआ। राजेश लाख द्वारा सरस्वती वंदना के बाद मंचासीन डॉ.शऊर आज़मी, डॉ.करुणाशंकर उपाध्याय, मंज़ूर साहब आज़मी और डॉ. दत्ता जाधव का स्वागत किया गया। संस्थाध्यक्ष अरविन्द शर्मा राही ने श्रुति संवाद साहित्य कला अकादमी की गतिविधियों व भावी योजनाओं पर रोशनी डालते हुए बताया कि संस्था बेहत्तरीन पुस्तकों का प्रकाशन कराएगी तथा किसी भी विधा में उत्कृष्ट साहित्यिक योगदान के लिए पुरस्कार की शुरुआत करेगी। संस्था के कोषाध्यक्ष राजीव सारस्वत द्वारा शायर जाफर रज़ा के परिचय के बाद पत्रकार ऋतेन्द्र माथुर ने पुष्पगुच्छ देकर रज़ा साहब का सम्मान किया।

 

समारोह में जावेद रज़ा के पोते मास्टर साहिल से पुस्तक का प्रमोचन कराकर एक और जहाँ अभिनव मिसाल कायम की गई वहीं नई पीढ़ी को रचनाधर्मिता के संस्कार भी सौंपे गए। बाल विकास ट्रस्ट के अध्यक्ष धनराज चौधरी ने शॉल-श्रीफल-पुष्प देकर मास्टर साहिल का अभिनंदन  किया। डॉ. शऊर आज़मी और डॉ. करुणाशंकर उपाध्याय ने किताब पर अपनी बेबाक राय पेश की।

 

प्रथम सत्र का संचालन व्यंग्यकार अनंत श्रीमाली ने किया । कुमार जैन ने दूसरे सत्र - महफिल-ए-ग़ज़ल का सूत्र-संचालन किया जिसमें शायर जावेद रज़ा की पुस्तक दूसरा मैं की चुनिंदा ग़ज़लें संगीतकार दत्ता जाधव, गायक गाँधार और गाथा जाधव ने अपनी पुरकशिश आवाज़ में पेशकर शाम को यादगार बना दिया । आभार व्यक्त किया अरविंद राही ने । इस मौके पर अतुल अग्रवाल सहित महानगर के अनेक कवि, शायर, पत्रकार व साहित्यप्रेमी उपस्थित थे।

(राजीव सारस्वत की रिपोर्ट)

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