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लघुकथा पर पहला अंतरराष्ट्रीय विमर्श 16-17 फरवरी, 2008 को
रायपुर में
रायपुर। राज्य की बहुआयामी और रचनाकारों की सांस्कृतिक
संस्था
“सृजन-सम्मान”
द्वारा आगामी 16-17 फरवरी को रायपुर में छठवें साहित्य महोत्सव
में नये समय की सबसे कारगर विधा लघुकथा पर अतंरराष्ट्रीय
विमर्श का आयोजन किया गया है । विमर्श का केंद्रीय विषय
“लघुकथाः
नई सदी की केंद्रीय
विधा”
(3 प्रमुख सत्र 1.
लघुकथा
:
विषय वस्तु और शिल्प की सिद्धि
2.
लघुकथा का वर्तमान
3.
लघुकथा का भविष्य और भविष्य की लघुकथा
रखे गये हैं । इस आयोजन में देश पर के लघुकथा लेखकों को
आमंत्रित किया जा रहा है ।
विमर्श सत्र, ग्रंथ हेतु शोध आलेख आमंत्रित
लघुकथाकारों द्वारा विमर्श के तीनों सत्र में आलेख वाचन, संवाद
एवं हस्तक्षेप किया जायेगा । विमर्श में सहभागिता एवं ग्रथ
हेतु लघुकथाकारों, शिक्षाविदों, आलोचकों, साहित्यकारों से
निःशुल्क आलेख भी आमंत्रित किया जा रहा है ।
विमर्श एवं आलेख भेजने के नियम
1. प्रत्येक
विमर्श सत्र में वक्ताओं के लिए आलेख वाचन हेतु 10 मिनट, संवाद
हेतु 5 मिनट एवं हस्तक्षेप हेतु 3 मिनट का समय निर्धारित किया
गया है ।
2.आलेख
टाइप या हस्तलिखित हो सकता है किन्तु वह पठनीय हो । आलेख ई-मेल
से भी चाणक्य या युनिकोड़ फोंट में भेजा जा सकता है ।
3.आलेख
के साथ रचनाकार अपना फोटो, संक्षिप्त परिचय अवश्य भेजें ।
विमर्श सत्रों में सहभागिता प्रविष्टि एवं प्रकाशनार्थ आलेख
प्राप्ति की अधिकतम तिथि 25 जनवरी, 2008 । अंतिम रूप से चयनित
45 आलेख लेखक विमर्श के तीनों सत्रों में सहभागी होगें किन्तु
शेष लेखक विमर्श में समुपस्थित रह सकेंगे । उनके आलेखों का
प्रकाशन भी विमर्श ग्रंथ एवं इंटरनेट पर लघुकथा कोश नामक
वेबसाइट पर विश्वकोश में किया जायेगा ।
रेखांकन
- लघुकथाकार के विकास में योगदान देने वालों का सम्मान
हिंदी लघुकथा के विकास में संघर्षरत रहे एवं अपनी रचनात्मकता
से इस विधा को गति देने वाले देश के वरिष्ठ लघुकथाकारों,
लघुकथा केंद्रित पत्रिका संपादकों, आलोचकों, शोधार्थियों,
अनुवादकों, संगठनों का उनके साहित्यिक योगदान को रेखांकित करते
हुए महोत्सव में सम्मानित किया जायेगा। उन्हें देश-विदेश के
प्रख्यात साहित्यकारों, आलोचकों एवं महामहिम राज्यपाल,
संस्कृति मंत्री, शिक्षामंत्री के करकमलों से
“लघुकथा-गौरव”
अलंकरण प्रदान किया जायेगा जिसमें सम्मान स्वरूप चयनित
रचनाकारों को एक प्रशस्ति-पत्र, प्रतीक चिन्ह, 1000 रुपयों की
साहित्यिक कृतियाँ समारोह में ही भेंट की जायेगी।
लघुकथाकार, आलोचक, पत्रिका संपादक सहित आदरणीय लघुकथा पाठक भी
अपनी ओर से विवरण सहित संस्था को ऐसे लघुकथाकारों का नाम सुझा
सकते हैं ।
नव-कलरव
-लघुकथा
पाठ का आत्मीय आयोजन
इस महती आयोजन में 16 फरवरी, 2008
को रात्रि 8 बजे से 12 बजे
तक राष्ट्रीय लघुकथा पाठ का आयोजन भी किया जा रहा है, जिसमें
हिंदी सहित अन्य भाषाओं के लघुकथाकार भी हिंदी अनुवाद के साथ
पाठ कर सकेंगे । सहभागिता हेतु लघुकथाकार 20 जनवरी 2008 के
पूर्व सूचित कर सकते हैं।
लघुकथा पर केंद्रित प्रदर्शनी
सृजन-सम्मान, छत्तीसगढ़
के इस महत्वपूर्ण आयोजन में लघुकथा पर केंद्रित एक प्रदर्शिनी
में ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण लघुकथाओं के पोस्टर, लघुकथा
संग्रह, लघुकथा केंद्रित लघु-पत्रिका, विशेषांक, किये गये
कार्यों आदि के चार्ट आदि संबंधित सामग्री प्रदर्शित की
जायेंगी । लघुकथा के संवर्धन एवं विकास से जुड़ी संस्थायें एवं
लघुकथाकार अपनी सामग्री 30 जनवरी 2007 तक भेज सकते हैं या अपने
साथ ला सकते हैं किन्तु उन्हें 15 फरवरी 2008 शाम तक
अनिवार्यतः उपस्थित होना होगा और उसकी सूचना जगह आरक्षण हेतु
30 जनवरी 2008 के पूर्व देना आवश्यक होगा ।
नई सदी की लघुकथाएँ नामक संग्रह हेतु रचनायें आमंत्रित
इस अवसर पर संस्था द्वारा लघुकथा संग्रह का निःशुल्क प्रकाशन व
विमोचन भी किया जा रहा है । संग्रह में प्रकाशनार्थ लघुकथाकार
वर्ष 2000 से अब तक लिखी गई, मौलिक, प्रकाशित या अप्रकाशित
केवल 1 प्रतिनिधि लघुकथा 25 जनवरी, 2007 के पूर्व तक भेज सकते
हैं । सहभागी लघुकथाकारों को कृति की एक-एक प्रति (सिर्फ
समारोह स्तल पर ही)भेंट की जायेगी ।
लघुकथा कोश नामक वेबसाइट का लोकार्पण
संस्था द्वारा इंटरनेट पर हिंदी लघुकथाओं का पहला विश्व-कोश
(लघुकथा कोश) नामक वेबसाइट का लोकार्पण भी किया जा रहा है,
जिसमें उपर्युक्त सभी लघुकथायें, आलेख, साक्षात्कार, लघुकथा
संग्रह (संपूर्ण), शोध ग्रंथ आदि ऑनलाइन समादृत रहेंगे।
संपर्क-सूत्र
-जयप्रकाश
मानस, सृजन-सम्मान, एफ-3, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल,
आवासीय कॉलोनी, रायपुर, छत्तीसगढ़-492001 (मोबाइल-94241-82664)
-डॉ.
राजेन्द्र सोनी, राष्ट्रीय महासचिव, सृजन-सम्मान, पहचान
प्रकाशन, कुशालपुर, रायपुर, छत्तीसगढ़-492001- (मोबाइल-
98261-45842
)
ई-मेल
srijan2samman@gmail.com
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