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सृजनगाथा

 

 ई-पताः srijangatha@gmail.com

वागर्थ प्रतिपत्तये

वर्ष-2, अंक-21, फरवरी, 2008

अपनी बात कविता छंद ललित निबंध कहानी लघुकथा व्यंग्य संस्मरण थोपकथन भाषांतर संस्कार

मूल्याँकन हस्ताक्षर पुस्तकायन विचार-वीथी प्रसंगवश इनदिनों हिंदी-विश्व लोक-आलोक व्याकरण तकनीक

बचपन शेष-विशेष हलचल विशेषांक सृजनधर्मी लेखकों से संपादक बनें चतुर्दिक पुरातनअंकअभिमतमुख्यपृष्ठ

 

।। हलचल ।।

 

 

विश्वनाथ तिवारी को प.बृजलाल द्विवेदी पत्रकारिता सम्मान

रायपुर। साहित्यिक पत्रिका 'दस्तावेज (गोरखपुर) के संपादक डॉ. विश्वनाथ प्रसाद तिवारी को पं. बृजलाल द्विवेदी स्मृति अखिल भारतीय साहित्यिक पत्रकारिता सम्मान दिए जाने की घोषणा की गई है। वर्ष 2007 के सम्मान के लिए श्री तिवारी के नाम का चयन पाँच सदस्यीय निर्णायक मंडल(विश्वनाथ सचदेव, विजयदत्त श्रीधर, रमेश नैयर, सच्चिदानंद जोशी, गिरीश पंकज) ने किया। श्री तिवारी को यह सम्मान साहित्यिक त्रैमासिक पत्रिका 'दस्तावेज के श्रेष्ठ संपादन के लिए दिया गया है। यह पत्रिका रचना और आलोचना की विशिष्ट पत्रिका है, जो 1978 से नियमित निकल रही है। इसके लगभग दो दर्जन विशेषांक प्रकाशित हुए हैं, जो ऐतिहासिक महत्व के हैं।सम्मान समिति की संयोजक भूमिका द्विवेदी ने बताया है कि हिंदी की साहित्यिक पत्रकारिता को समादृत करने के उद्देश्य से इस राष्ट्रीय सम्मान में 11 हजार रुपए, शाल, श्रीफल, सम्मान पत्र एवं प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया जाता है । डॉ. तिवारी की प्रकाशित पुस्तकों की श्रृंखला में आलोचना की 9 पुस्तकें, 6 कविता संकलन, दो यात्रा संस्मरण, एक लेखक संस्मरण, एक साक्षात्कार संकलन तथा 14 विभिन्न पुस्तकों का संपादन शामिल है। इसके साथ ही उनकी कई रचनाओं का कई विदेशी और भारतीय भाषाओं में अनुवाद हो चुका है।

 

राहुल सांकृत्यायन के सरोकार पर परिचर्चा

वियना (ऑस्ट्रिया)।महापंडित राहुल साकृत्यायन के जीवन और उनके सामाजिक, राजनीतिक और साहित्यिक सरोकारों पर केंद्रेत एक परिचर्चा का आयोजन गत माह वियना (ऑस्ट्रिया) में किया गया। कमला सांकृत्यायन, जया परहाक और दक्षिण एशियाई इतिहास विभाग, हमेबोल्ट विश्वविद्यालय, बर्लिन के प्रो. जुर्गेन लुत्त इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रहे।

 

परिचर्चा में केरिन प्रीसेंडांज, बिरजित कैलनर, जया परहाक, कमला सांकृत्यायन, अर्नेस्ट स्टेनकैलनर आदि विद्वानों ने अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर काजुओं कानों द्वारा तिब्बत में खींचे गए छायाचित्रों और कंवल कृष्ण के चित्रों की प्रदर्शनी भी आयोजित की गई।

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संपादकः जयप्रकाश मानस संपादक मंडलः डॉ.बलदेव,गिरीश पंकज, संतोष रंजन, राम पटवा, डॉ.सुधीर शर्मा, डॉ.जे.आर.सोनी, कामिनी, प्रगति

तकनीकः प्रशांत रथ

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