|
विज्ञापनों का गोरखधंधा
विज्ञापनों ने ढँक दिया है
सभी बुराईयों को
हर
रोज़
चढ़ जाती हैं उन पर
कुछ नामी-गिरामी चेहरों की परतें
फिर क्या
फ़र्क
पड़ता है
उसमें कीडे हों या कीटनाशक
या चिल्लाये कोई सुनीता नारायण
पर इन नन्हें बच्चों को कौन समझाये
विज्ञापनों के पीछे छुपे पैसे का सच
बच्चे तो सिर्फ टी.व्ही.
और बड़े परदे
पर देखे उस अंकल को ही पहचानते हैं
ज़िद
करते हैं
उस सामान को घर लाने की
बच्चे की ज़िद
के आगे
माँ-बाप भी मज़बूर
हैं
ऐसे ही चलता है
विज्ञापनों का गोरखधंधा।
कृष्ण कुमार यादव
वरिष्ठ डाक
अधीक्षक
कानपुर नगर मण्डल कानपुर (उ0
प्र0)
-
208001
◙◙◙
|