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सृजनगाथा

 

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वागर्थ प्रतिपत्तये

वर्ष-2, अंक-23, अप्रैल, 2008

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।। हलचल ।।

 

 

अमेरिका में बाल कविता प्रतियोगिता संपन्न

 

न्यूयार्क। 23 फरवरी की सुबह को जब सूर्य देवता बादलों में छुपे थे और हिमकण वातावरण को ठंडक प्रदान कर रहे थे, ऐसे मौसम में भी हिन्दी यू.एस.ए. की पाठशालाओं में पढ़ने वाले विद्यार्थियों का उत्साह देखने लायक था। 10.30 बजे से ही न्यू जर्सी के हिल्सबोरो शहर के पुस्तकालय के प्रागंण में नन्हें-मुन्ने कविता प्रतियोगियों की लंबी-लंबी पंक्तियाँ दिखायी देने लगी थी। ये सभी कनिष्ट समूह के विद्यार्थी थे जो पहली बार कविता प्रतियोगिता में भाग ले रहे थे। इसके बाद प्रतियोगियों का तांता लगा तो रुकने का नाम ही नहीं ले रहा था।

 

प्रति वर्ष की तरह इस वर्ष भी हिन्दी यू.एस.ए. ने हिन्दी की अनेक प्रतियोगिताओं का आयोजन हिल्सबोरो शहर के पुस्तकालय में किया था। इसमें 4 मुख्य प्रतियोगिताएँ अलग-अलग स्तर के विद्यार्थियों के लिए रखी गयी थीं जिनमें सबसे अधिक लोकप्रिय प्रतियोगिता थी काव्य पाठ प्रतियोगिता जो 4 स्तरों में की गई तथा इसमें 298 बच्चों ने भाग लिया। सबसे अधिक उत्साह सामूहिक गीत प्रतियोगिता में देखने को मिला। इसमें 29 टीमों ने 3 स्तरों में भाग लिया। प्रत्येक टीम में 10 से लेकर 20 बच्चे थे तथा विभिन्न हिन्दी पाठशालाओं की शिक्षिकाओं ने इन गीतों को तैयार करवाया था। सुंदर-सुंदर वेशभूषा, साज सज्जा तथा विभिन्न वाद्यों के साथ दर्शकों से खचाखच भरे कक्ष में बच्चों ने पूरे उत्साह से भक्ति गीत, शिक्षाप्रद गीत, देश भक्ति गीत सुंदर हिन्दी उच्चारण के साथ प्रस्तुत किए। न्यूयार्क शहर से पधारी निर्णायकों की टीम असमंजस में थी कि किसे अधिक अंक दे।

 

काव्य पाठ तथा सामूहिक गीत प्रतियोगिता समाप्त होते-होते दिन ढ़ल गया था। लगभग 4 बजे शब्द अंताक्षरी प्रतियोगिता प्रारंभ हुई। इस प्रतियोगिता में 8 हिन्दी पाठशालाओं ने भाग लिया तथा प्रत्येक टीम में 5-5 प्रतियोगी थे। एक पाठशाला के दल में तो एक अमरीकी मूल की छात्रा भी थी। यह प्रतियोगिता भी बड़ी मनोरंजक रही।

 

सबसे अंत में अच्छी हिन्दी जानने वाले तृतीय, चतुर्थ तथा पंचम स्तर के 30 विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता को शब्द ज्ञान प्रतियोगिता का नाम दिया गया। इसमें प्रोजेक्टर के माध्यम से एक शब्द पर्दे पर आता था जिसे प्रतियोगी को सही उच्चारण के साथ पढ़ना पड़ता था। उसका हिन्दी या अंग्रेजी में अर्थ बताकर एक वाक्य बनाना होता था। दर्शकों ने इस प्रतियोगिता को साँस रोककर देखा और सुंदर वाक्यों पर ताली बजाकर विद्यार्थियों का प्रोत्साहन बढ़ाया।

 

प्रत्येक श्रेणी में 10 सर्वश्रेष्ठ प्रतियोगियों को चुना गया है जो जून 14-15 को होने वाले सप्तम हिन्दी महोत्सव में पुन: अंतिम (फाइनल) प्रतियोगिता में भाग लेंगे।

 

बच्चों को हिन्दी बोलने के लिए प्रोत्साहन देने तथा एक मंच प्रदान करने के उद्देश्य को लेकर हिन्दी यू.एस.ए. ने पिछ्ले वर्ष से प्रतियोगिता दिवस का आयोजन प्रारंभ किया था। पिछ्ले वर्ष की तुलना में इस वर्ष प्रतियोगियों की संख्या में चार गुनी वृद्वि हुई। जिस तरह भारतीय अभिभावक बच्चे को गणित, विज्ञान और अंग्रेजी विषयों के लिए प्रोत्साहित करते हैं उसी प्रकार से हमने उन्हें बच्चे को हिन्दी के लिए प्रोत्साहित करते पाया।

 

इस प्रतियोगिता में कुल 480 बच्चों तथा उनके अभिभावकों ने भाग लिया जो न्यू जर्सी, पेंसिलवेनिया, न्यूयार्क, तथा डेलावेयर के रहने वाले थे। कुल 12 हिन्दी पाठशालाएँ इसमें सक्रिय रहीं तथा अनेक शिक्षकों के अतिरिक्त 25 सक्रिय स्वंयसेवक सुबह 9 बजे से रात के 9 बजे तक तन-मन-धन से कार्यक्रम की व्यवस्था में संलग्न रहे।

 

हिन्दी महोत्सव की तरह यह कार्यक्रम भी विशाल रूप लेता जा रहा है और यह इस बात का द्योतक है कि लोगों का हिन्दी के प्रति रुझान बढ़ा है।

   अमेरिका से देवेन्द्र सिंह की रिपोर्ट

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