vbn

SRIJANGATHA.COM

साहित्य, संस्कृति व भाषा का अंतर्राष्ट्रीय मंच

सृजनगाथा

 

 ई-पताः srijangatha@gmail.com

वागर्थ प्रतिपत्तये

वर्ष-3, अंक-28, सितम्बर, 2008

अपनी बात कविता छंद ललित निबंध कहानी लघुकथा व्यंग्य संस्मरण थोपकथन भाषांतर संस्कार

मूल्याँकन हस्ताक्षर पुस्तकायन विचार-वीथी प्रसंगवश इनदिनों हिंदी-विश्व लोक-आलोक व्याकरण तकनीक

बचपन शेष-विशेष हलचल विशेषांक सृजनधर्मी लेखकों से संपादक बनें चतुर्दिक पुरातनअंकअभिमतमुख्यपृष्ठ

 

।। दोहे ।।

 

 

ईसा चढ़े सलीब

 

राजनीति करने लगी, अब तो स्यापा रोज़।

यार रुदाली के सभी, क्या गंगू, क्या भोज॥

राजनीति जबसे बनी, पद की वैध रखैल।

ग्राफ़ बढ़ा अपराध का, देश बना है जेल॥

जाने किसके शीश पे, धरे देश यह ताज़।

वर्ष चतुर्दश कर गई, यहाँ खड़ाऊँ राज॥

चूहा कुतरे चूल को, कौआ कुतरे चाम।

नेता कुतरे देश को, भली करें अब राम॥

क्या नेता, क्या नीतियाँ, क्या सत्ता, क्या तन्त्रा।

सारे बनकर रह गये, लूटपाट का मन्त्रा॥

सुबह खेल है लूट का, सायं कुर्सी-रेस।

देख रहा प्रतियोगिता, दर्शक बनकर देश॥

चकाचौंध है मंच पर, धुंधला है नेपथ्य।

दर्शक-दीर्घा मौन है, नोट करो यह तथ्य॥

चलें कही पर लाठियाँ, बटें कहीं 'तिरशूल'

देश बना है 'गोधरा', है यह किसकी भूल॥

गीता और कुरान का, अब तो ऐसा मेल।

संग-संग जैसे रहें, माचिस-मिट्टी तेल॥

लालकिले के शीश पर, बौने चढ़े अनाम।

बाअदब, बामुलाहजा, दिल्ली तुझे सलाम॥

योध्दा को फाँसी मिली, मुख़बिर को सम्मान।

सदा रहा इस देश में, केवल यही विधान॥

   डॉ. रामनिवास मानव

     706, सैक्टर-13,

हिसार-125005 (हरियाणा)

◙◙◙

 

छांदस रचनाएँ

माह का छंदकार

अशोक गीते - नवगीतकार

... श्वेताए दिन

... रिश्ते हुए सब

... धूप का पहरा है

... चटक गए आईने

... वेद ऋचाओं-सी

गीत

ारत भूषण

डॉ. चित्तरंजन कर

महेश अनघ

देवमणि पांडेय

 ग़ज़ल

संजीवन मंयक

विजय राठौर

दोहे

रामनिवास मानव

हाइकू

रचना गौड़ भारती

 प्रवासी ग़ज़लकार

प्राण शर्मा

 अजय गाथा

तुमने ही कहा था

अपनी बात कविता छंद ललित निबंध कहानी लघुकथा व्यंग्य संस्मरण थोपकथन भाषांतर संस्कार

मूल्याँकन हस्ताक्षर पुस्तकायन विचार-वीथी प्रसंगवश इनदिनों हिंदी-विश्व लोक-आलोक व्याकरण तकनीक

बचपन शेष-विशेष हलचल विशेषांक सृजनधर्मी लेखकों से संपादक बनें चतुर्दिक पुरातनअंकअभिमतमुख्यपृष्ठ

संपादकः जयप्रकाश मानस संपादक मंडलः डॉ.बलदेव,गिरीश पंकज, संतोष रंजन, राम पटवा, डॉ.सुधीर शर्मा, डॉ.जे.आर.सोनी, कामिनी, प्रगति

तकनीकः प्रशांत रथ

Google