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यूक़े में गीतांजलि बहुभाषी कवि दरबार 2007 सम्पन्न बर्मिंघम(ब्रिटेन)। हिंदी दिवस के उपलक्ष में 23 सितम्बर 2007 को लाइब्रेरी थियेटर में, लगभग 220 श्रोताओं की उपस्थिति में इस भव्य कार्यक्रम का शुभारम्भ सायं 330 पर हुआ । इसका आयोजन स्थानीय संस्था ''गीतांजलि बहुभाषीय साहित विश्व समुदाय'' ने किया जिसके मुख्य अतिथि थे काउंसिल जनरल श्री एनपीशर्मा । भारतीय दूतावास लंदन में हिंदी एवं संस्कृति अधिकारी श्री राकेश बी. दुबे जी विशिष्ट अतिथि के रूप में पधारे थे और इन दोनों ने दीप प्रज्वलन के साथ इस सुन्दर काव्य संध्या का आगाज़ किया ।
सरस्वती वंदना की प्रस्तुति चंचल जैन ने की थी तथा गीतांजलि की मूल कविता (अँग्रेज़ी में) का पाठ कुमारी दिव्या शर्मा ने तथा इसके हिंदी अनुवाद का सस्वर पाठ डॉ.. वंदना मुकेश शर्मा ने किया । गीतांजलि समुदाय की अब तक की उपलब्धियों के बारे में स्वर्ण तलवाड़ ने सबको बताया। गीतांजलि समुदाय के श्री सर्वेश सैनी की प्रस्तुति में नेत्र विशेषज्ञ डॉ. अजय त्रिपाठी ने इस कवि दरबार का सफल संचालन किया । भारतीय सांस्कृतिक परिषद द्वारा भारत के चार प्रतिष्ठित काव्यसाधकों, डॉ. सरिता शर्मा, श्री राजेश रेड्डी, श्री जमुना प्रसाद उपाध्याय एवं श्री आलोक श्रावास्तव को भेजा गया । मंच पर इन कवियों का साथ दूतावास के कवि डॉ. मधुप मोहता एवं राकेश दुबे जी ने दिया ।
जिस प्रकार युवा पीढ़ी के नेतृत्व में टीम इंडिया ने विश्व में अपनी पहचान बनाई उसी भावना को आत्मसात कर इस कवि दरबार की अध्यक्षता का कार्यभार भी युवा कवि श्री आलोक श्रीवास्तव को सौंपा गया । इस जिम्मेदारी को इस युवा कवि ने महेन्द्र सिंह धेनी की ही तरह बड़ी ही दक्षता से निभाया । चारो साधकों ने बर्मिघम निवासियों को अपनी साधना से मालामाल कर दिया । इन सबका कुछ स्थानीय काव्यसाधकों ने भी साथ दिया था जिन्होने भारत की विभिन्न भाषाओं में अपने कविता पाठ किए थे ।
इस कार्यक्रम की गरिमा की पराकाष्ठा थी समुदाय के दो सदस्यों की काव्य संग्रहों का विमोचन स्वर्ण तलवाड की ''कविता तुम कौन हो?'और रमा जोशी की ''तुम्हारे लिये, तुम्हारे बिना' का संयुक्त विमोचन श्री एन.पी.शर्मा एवं यूक़े क़े जानेमाने ग़ज़लकार श्री प्राण शर्मा ने किया । धन्यवाद ज्ञापन रमा जोशी जी ने किया और अन्त में स्वादिष्ट शाकाहारी भोजन ने सबकी वाहवाही लूटी । (बर्मिंघम से डॉ. कृष्णकुमार) ◙◙◙
बर्मिंघम में रामायण पर सेमिनार और गायन बर्मिंघम(ब्रिटेन)। रामायण ज्ञान केंद्र बर्मिघम द्वारा 6 अक्टूबर को ‘21 वीं सदी में रामायण की भूमिका और युवाओं में इसका प्रभाव’ विषय पर एक दिवसीय रामायण सेमिनार का आयोजन लक्ष्मीनारायण मंदिर में किया जा रहा है । इस अवसर पर संस्कृत के प्रख्यात विद्वान वेद, शास्त्र विशेषज्ञ, लेखक और संस्कृत सेवा समिति के संस्थापक अध्यक्ष प्रो. गौतम पटेल (गुजरात, भारत) आधार वक्तव्य देंगे । प्रमुख विद्वान डॉ. एच.एन. मिश्रा, डॉ. उमेश यादव, श्री भारद्वाज, श्री निक सुटॉन भी अपनी बात रखेंगे । इस अवसर पर स्थानीय बाल कलाकारों द्वारा रामायण पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत की जायेगी । ज्ञातव्य हो कि रामायण केंद्र जाने माने प्रवासी साहित्यकार डॉ. कृष्णकुमार द्वारा गठित एवं निरंतर सक्रिय बौद्धिक और आध्यात्मिक संगठन है जिसके द्वारा विगत कई वर्षों से रामायण आधारित भारतीय दर्शन को विश्वव्यापी बनाने के लिए अभिनव प्रयास किये जा रहे हैं ।
रामायण ज्ञान केंद्र एवं गीतांजलि बहुभाषीय साहित्यिक समुदाय के संयुक्त तत्वाधान में होने वाले एक अन्य आयोजन में प्रख्यात रामायण गायक मानस मयंक श्री अजय याज्ञिक द्वारा सुंदरकांड सहित अन्य भजन प्रस्तुत किया जायेगा । यह महती आयोजन 2 अक्टूबर को श्री गीता भवन बर्मिंघम में रखा गया है । ज्ञातव्य हो कि श्री याज्ञिक रामायण केंद्र, मॉरीशस के कार्यकारी सदस्य हैं ।
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