साहित्य, संस्कृति व भाषा का अंतर्राष्ट्रीय मंच                                                                             SRIJANGATHA

।।सृजनगाथा।।

 

  ई-पताः srijangatha@gmail.com

वर्ष- 2, अंक - 17, अक्टूबर, 2007

अपनी बात कविता छंद ललित निबंध कहानी लघुकथा व्यंग्य संस्मरण थोपकथन भाषांतर संस्कार

मूल्याँकन हस्ताक्षर पुस्तकायन विचार-वीथी प्रसंगवश इनदिनों हिंदी-विश्व लोक-आलोक व्याकरण तकनीक

बचपन शेष-विशेष हलचल विशेषांक सृजनधर्मी लेखकों से संपादक बनें चतुर्दिक पुरातनअंकअभिमतमुख्यपृष्ठ

 गीत

आदमक़द भूख

 

सन्नाटा बोलता हुआ

बस वन की गोपनता

खोलता हुआ

 

अपलक तरुवर तापस

चिर उदास से,

स्तंभित, आंतकित

वन विनाश से

घोटुल की रात

आग दहकती नही,

सल्फी, पीकर पुरवा

बहकती नहीं

गिद्धों का झुण्ड,

पंख तौलता हुआ

 

चटियल चट्टानें,

पगडंडी निर्जन

गत यौवन सरिता का

रेत भरा तन

रसवंती महुआ का

पर्णहीन रुख

जंगल सब निगल रही

आदमक़द भूख

सँवलाए बदन को

टटोलता हुआ 

शंकर सक्सेना

सुअंश, अमृता विहार

कमला, कालेज़ रोड़, खंडेवाल कॉलोनी

राजगांदगाँव, छत्तीसगढ़

◙◙◙ 

छंदकार

माह के छंदकार

संजय ग्रोवर की पाँच ग़ज़लें

(एक, दो, तीन, चार, पाँच)

गीत

स्व. विजय देव नारायण शाही

डॉ. तिलकराज गोस्वामी

अवध बिहारी श्रीवास्तव

शंकर सक्सेना

ग़ज़ल

सजीवन मयंक

अपनी बात कविता छंद ललित निबंध कहानी लघुकथा व्यंग्य संस्मरण थोपकथन भाषांतर संस्कार

मूल्याँकन हस्ताक्षर पुस्तकायन विचार-वीथी प्रसंगवश इनदिनों हिंदी-विश्व लोक-आलोक व्याकरण तकनीक

बचपन शेष-विशेष हलचल विशेषांक सृजनधर्मी लेखकों से संपादक बनें चतुर्दिकपुरातनअंकअभिमतमुख्यपृष्ठ

संपादकः जयप्रकाश मानस संपादक मंडलः डॉ.बलदेव,गिरीश पंकज, संतोष रंजन, राम पटवा, डॉ.सुधीर शर्मा, डॉ.जे.आर.सोनी, कामिनी, प्रगति

तकनीकः प्रशांत रथ

Google

 
 WWW http://www.srijangatha.com