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।।सृजनगाथा।।
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वर्ष- 2, अंक - 17, अक्टूबर, 2007
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बचपन
भालू बोला
कहा शेर ने हम तो हम हैं
और दूसरे कम
जंगल के राजा से ज़्यादा
नहीं किसी से कम ।
भालू बोला, पिंजरे में यदि
बंद हो गए तुम
राजाजी तब कहाँ रहोगे ?
कहाँ रहेगा दम ।।
डॉ. तारादत्त निर्विरोध
254, पद्मावती कॉलोनी, ए
अज़मेर रोड़, जयपुर
राजस्थान – 302019
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बाल रचनाएँ
डॉ. तारादत्त निर्विरोध -
फूलों की पाठशाला
चिट्ठी का भूगोल
हरीश दुबे -
नानाजी का चश्मा
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