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वर्ष- 2, अंक - 14, जुलाई, 2007

अपनी बात कविता छंद ललित निबंध कहानी लघुकथा व्यंग्य संस्मरण थोपकथन भाषांतर संस्कार

मूल्याँकन हस्ताक्षर पुस्तकायन विचार-वीथी प्रसंगवश इनदिनों हिंदी-विश्व लोक-आलोक व्याकरण तकनीक

बचपन शेष-विशेष हलचल विशेषांक सृजनधर्मी लेखकों से संपादक बनें चतुर्दिक पुरातनअंकअभिमतमुख्यपृष्ठ

 

 

 इस अंक में पढिए

 कविताएं....

प्रवासी-कविता - कनाडा से समीर लाल

गणित का एक प्रश्न - अष्टभुजा शुक्ल

 

 छंद.....

सॉनेट

जीवन की गति - कात्यायनी

ग़ज़ल

प्रवासी ग़ज़ल - राजनंदन

 

 भाषांतर....

   पाँच बांग्ला कविताएं - तसलीमा नसरीन

प्यास, प्रतीक्षा और गति - शेख सईद

 

 हस्ताक्षर....

भक्तिकाल के सन्त घीसादास - डॉ. इन्द्र सेंगर

 

 

 व्याकरण....

बढ़ाना - डॉ. गंगाप्रसाद बरसैंया

 

तकनीक 

हिंदी लिनक्स की कहानी - रविशंकर श्रीवास्तव  

चीन की डायरी

हिन्दी की आस्तीन में पलनेवाले - राजनंदन

 

अमेरिका की धरती से

न्यूयार्क में तीन दिन - लावण्या शाह

 

लन्दन की डायरी

लंदन में हिंदी पत्रकारिता - राकेश बी. दुबे

 

इनदिनों

कई-कई अर्थोवाला ग्रीन चैनल-विश्वनाथ सचदेव

 

राज-काज

  कलाम: भारतीयों की पहली पसंद-तनवीर जाफ़री

  दक्षिण एशिया में लोकतंत्र की स्थिति? - जाफ़री

  

8 वें विश्व हिंदी सम्मेलन पर विशेष

जापान में हिंदी - डॉ. राज बुद्धिराजा

संयुक्त राष्ट्र संघ और हिन्दी - डॉ. वीरेंद सिंह

हिंदी भाषा, शिक्षा, अनुशासन- जारी प्र. द्विवेदी

विश्व भाषा बनेगी हिंदी - संजय द्विवेदी

हिंदी का भविष्य - जयप्रकाश मानस

 

 

 

पिछले अंकों से पढ़िए

 

विश्व हिंदी सम्मेलन पर विशेष

हिन्दी और ट्रिनिडाड - बच्चू प्रसाद सिंह

मैं और मेरा हिंदी प्रेम - जीतेन्द्र चौधरी

सुदुर देश में हिन्दी - उमेश ताम्बी

गयाना में हिन्दी - नारायण कुमार

हिंदी की मूरति - प्रेम जनमेजय

आजादी का संदेश और हिंदी - इंदिरा गाँधी

समापन है, तो मन भारी है - महादेवी वर्मा

'विश्व-हिंदी' और 'विश्व-नागरी'- विनोबा भावे 

विदेशों में हिन्दी का प्रभावः राकेश शर्मा

हिंदी का वर्तमान - जयप्रकाश मानस

 

कथोपकथन

नासिरा शर्मा से लालित्य ललित की चर्चा

 

लोक-आलोक

 जल की भूमिका - डॉ. श्यामसुंदर दुबे

 

मूल्याँकन

लघुकथा क्य़ा है - कमल किशोर गोयनका


हमारे नियमित स्तम्भकार

 विश्वनाथ सचदेव (मुंबई) तनवीर जाफ़री(अम्बाला) लावण्या शाह (अमेरिका) सूरज प्रकाश (मुंबई) गिरीश पंकज (रायपुर)

 राजनन्दन (चीन) रविशंकर श्रीवास्तव (रतलाम) राकेश दुबे (लंदन)

 

आप भी हिंदी को वैश्विक बनाने के लिए लिख सकते हैं.....


 

मोर - सृजनगाथा (www.srijangatha.com)

 

 

 

लित निबंध/रम्य रचना

ऋद्धि और सिद्धि - गोपालराम गहमरी

अपने होने का असर दिखाता पानी - परिमल

   गरेबां चाक करता है - शानी (गुलशेर खान)

 

कहानियाँ

हिंदी कहानियाँ

किराये का इद्रधनुष - सूरज प्रकाश

जूती - गोवर्धन यादव

आस्था की अकाल मृत्यु - कलनाथ मिश्र

जापानी कथा

चीचीन और खागे ओकुरी - आमान खीमीको

रूसी कथा

रिश्ता - कन्सतान्तिन पाउस्तोव्स्की

सऊदी-कथा

मौलवी साहब - अहमद-अल-बकरी

 

 

संस्कार

संचार माध्यम नैतिकता-अच्युतानंद मिश्र

इतिहास को रचनात्मक होना है-हावर्ड ज़िन

 

मूल्याँकन

श्रृंखला-नर-नारी संबंधों की-प्रतिभा सक्सेना

 

कृति समीक्षा

पत्थर हो जाएगी नदी - मोहन राणा

हजार हवेलियों का शहर - उपाध्यान चंद्र

वातायन

फ़ेल्ड स्टेट्स : द अब्यूज़ ऑफ़ पॉवर एण्ड द असाल्ट ओन डेमोक्रेसी - नोम चोम्स्की

 

ग्रंथालय में (ऑनलाइन किताबें)

कविता कोश - ललित कुमार

समर्थ राम(खंडकाव्य) - हिदायत कमलाकर

 मत पूछ हुआ क्या क्या - संजय द्विवेदी

 पढ़िए देश-विदेश के सांस्कृतिक समाचार

 
 
 

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  संपादकः जयप्रकाश मानस संपादक मंडलः डॉ.बलदेव,गिरीश पंकज,संतोष रंजन, राम पटवा, डॉ.सुधीर शर्मा, डॉ.जे.आर.सोनी, कामिनी, प्रगति

तकनीकः प्रशांत रथ

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'सृजनगाथा' बहुआयामी सांस्कृतिक संगठन 'सृजन-सम्मान' की अव्यावसायिक मासिक पत्रिका है ।

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