बढ़ाना
डॉ. गंगाप्रसाद बरसैंया
बढ़ाना का अर्थ है वृद्धि करना । किसी वस्तु के आकार, परिमाण और संख्या में वृद्धि करना ही बढ़ाना कहा जावेगा। परन्तु पाँव बढ़ाने से न आकार में वृद्धि होती है। और न संख्या तथा परिमाण में । पाँव बढ़ाने का आशय है आगे बढ़ना । आगे चलना। हाथ बढ़ाने का अर्थ सहयोग करने से है। किसी जरूरतमंद की मदद करना, हाथ बढ़कर सहारा देना-हाथ बढ़ाना है। ‘साथी हाथ बढ़ाना साथी रे’ इसीलिये कहा गया है। किसी हताश या निराश व्यक्ति का मन बढ़ाकर प्रोत्साहित किया जाता है, उत्साहित किया जाता है। अपेक्षा से अधिक आदर देना मान बढ़ाना कहा जाता है। आपने इस सभा का अध्यक्ष बनाकर मोहन का मान बढ़ाया है।
कभी-कभी अनधिकृत व्यक्ति को अधिक सम्मान देकर उसका मान बढ़ाया जाता है। जिसके जिसके गलत परिणाम भी होते हैं। नेता जी ने अमुक को अपना प्रतिनिधि बनाकर उसके भाव बढ़ा दिये । जब से वह प्रतिनिधि बना उसके इतने भाव बढ़ गये कि वह सीधे बोलता ही नहीं। छोटे कर्मचारी को तरक्की देकर उसका पद बढाया जाता है और सामान्य व्यक्ति को ऊँचा स्थान देकर उसके पद को बढ़ाया जाता है। पार्षद बनने से औरों की नज़रों में उसका कद बढ़ गया। लेकिन बात बढ़ाने से विवाद ही बढ़ता है, इसलिये निरर्थक बात बढ़ाने से क्या लाभ ? बात बढ़ाना बुरा है लेकिन हौसला बढ़ाना अच्छी बात है। पहलवानों का, खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाना अच्छा होता है। वे अधिक उत्साह और जोश से अपना कार्य करते हैं। किसी शक्तिशाली के साथ जुड़ जाने से कमजोर आदमी की भी ताकत बढ़ जाती है। घर की आमदनी सभी बढ़ाना चाहते हैं रकम बढ़ाना सबको अच्छा लगता है लेकिन महंगाई बढ़ जाये, टेक्स बढ़ जाये तो कोई पसन्द नहीं करता ।
बढ़ाना का अर्थ वृद्धि करना ही नहीं, उसके विपरीत भी होना है । दूकान बढ़ाना का आशय बंद करना और दिया बढ़ाना का अर्थ उसके बुझाने से है। सामान बढ़ाना का अर्थ वृद्धि करना भी है पर ग्रामीण क्षेत्र में सामान खतम होने पर भी कहा जाता है- सामान बढ़ गया । पहले परिवार बढ़ाना अच्छा माना जाता था, लोग ‘दूधो, नहाओ, पूतो फलो’का आशीष देते थे किन्तु जब से जनसंख्या वृद्धि ने भयावह रूप ले लिया तब से परिवार बढ़ाना अच्छा नहीं माना जाता । परिवार बढ़ाने से नई पीढ़ी डरती है। दाढ़ी, मूँछ, बाल,नाखून बढा़ने का फैशन बढ़ रहा है।
