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टूटने को
टूटने को टूट सब सकता यहाँ संसार में हिय हो चाहे या फिर हो एक माटी का खिलौना टूटना ऐसा निरन्तर देखता आया ज़माना । किन्तु इस संसार में कुछ और भी तो टूटता है हैं समझते तो सभी पर देखता कोई नहीं । मैं इसे किस नाम से बोलो पुकारूँ मैं तुम्हारे आसरे सब छोड़ता हूँ ।
21 Bideford Drive, Selly Oak Birmingham, B29 QG, U.K.
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