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उ क्या कहियेगा नईम
अपने हाथों से पैरों पर लगे घाव को क्या कहियेगा भला आप मेरे स्वभाव को ?
ऐरा गैरा नत्थू खैरा ताने कसने पर आमादा नहीं करीने से कोई इनमें नर, मादा
जिनके अपने घर न घरौंदे दूर दूर तक नाम रख रहे हैं वे मेरे रख रखाव को
अंधों की भी नज़रे हैं मेरी नज़रों पर सीनों पर हो पीठों पर हों या कमरों पर
होने को सार्थक करती अपनी आँखे जब देख रही हो यौवन के सुंदर भराव को
क्यों कहियेगा ?
राधागंज, देवास मध्यप्रदेश
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