ई-पताः srijangatha@gmail.com

वर्ष- 2, अंक - 16, सितम्बर, 2007

अपनी बात कविता छंद ललित निबंध कहानी लघुकथा व्यंग्य संस्मरण थोपकथन भाषांतर संस्कार

मूल्याँकन हस्ताक्षर पुस्तकायन विचार-वीथी प्रसंगवश इनदिनों हिंदी-विश्व लोक-आलोक व्याकरण तकनीक

बचपन शेष-विशेष हलचल विशेषांक सृजनधर्मी लेखकों से संपादक बनें चतुर्दिक पुरातनअंकअभिमतमुख्यपृष्ठ

  छंद

 उ

उड़ने से पहले ज़रा


पुरुषोत्तम 'यक़ीन'

 

पूजा-सिज़्दे व्यर्थ है, बेजा है अर्दास

हमें, ग़ैर के दर्द का, नहीं अगर अहसास ।

 

मौसम ने बरसा किया, जी भर का ज़हराब

संदल-संदल ही रहा, और गुलाब, गुलाब ।

 

ख़ूब तरक़्क़ी का हुआ, शहरों में यह ढंग

चौराहे चौड़े किये, गलियाँ कर दी तंग ।

 

रे ज़ालिम मत आजमा, दीन-दुखी का धीर

कहीं न तज दे तीर को, शान्त नदी का नीर ।

 

भली दोस्ती दूर की, दोस्त न इतना भूल

दोनों तट मिल जाएँ तो, नदिया रहे न कूल ।

 

होड़ा होड़ी और की,  ऊँचे बोल न बोल

उड़ने से पहले ज़रा, अपने बाज़ू तोल ।

 

सुने सराहे, शब्द की, कौन यहाँ झंकार

कविताई जैसे हुई, बेवा का श्रृंगार ।

 

बड़ी निराली देश के,  संविधान की चाल

हाथी सब अलमस्त हैं हर चींटी पामाल ।

 

कैसे बाँधे दोस्ती, पाले कैसे बैर

तुम राजा हो हम प्रजा, हम बकरी तुम शेर ।

 

कैसे सस्ती हो यहाँ, महँगाई की शान

अपने-अपने मोल का, सब रखते हैँ ध्यान ।

 

पुरुषोत्तम 'यकीन'

 4, पी - 46, तलवण्डी

कोटा, राजस्थान - 324005

 

 

  छंदकार

गीत

- आनंदी सहाय शुक्ल

- ज्ञानेन्द्र साज

- अनिल अनवर

- रामदयाल

- डॉ. अजय पाठक

नवगीत

- डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र

- नईम

- ऋषिवंश

- विद्यानंदन राजीव

- इंदिरा मोहन

ग़ज़ल

- रईस अहमद 'फ़िगार'

- अग्निवेश शुक्ल

- तुली फकीरचंद जलंधरी

- सुल्तान अहमद

- विज्ञान व्रत

दोहे

- चंद्रसेन विराट

- आचार्य भगवत दुबे

- पुरुषोत्तम 'यक़ीन'

- प्रभु त्रिवेदी

- जितेन्द्र जौहर

माह के छंदकार

-- कैलाश गौतम

अपनी बात कविता छंद ललित निबंध कहानी लघुकथा व्यंग्य संस्मरण थोपकथन भाषांतर संस्कार

मूल्याँकन हस्ताक्षर पुस्तकायन विचार-वीथी प्रसंगवश इनदिनों हिंदी-विश्व लोक-आलोक व्याकरण तकनीक

बचपन शेष-विशेष हलचल विशेषांक सृजनधर्मी लेखकों से संपादक बनें चतुर्दिकपुरातनअंकअभिमतमुख्यपृष्ठ

संपादकः जयप्रकाश मानस संपादक मंडलः डॉ.बलदेव,गिरीश पंकज, संतोष रंजन, राम पटवा, डॉ.सुधीर शर्मा, डॉ.जे.आर.सोनी, कामिनी, प्रगति

तकनीकः प्रशांत रथ

Google

 
 WWW http://www.srijangatha.com