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इस अंक में पढ़िये
कविताएँ
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माह के कवि
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क्रांति
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तरुण भटनागर
की तीन कविताएँ
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रामेश्वर कांबोज
की दो कविताएँ
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भगतसिंह सोनी
की चार कविताएँ

छंद
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नवगीत -
छविनाथ मिश्र,
डॉ. शिव
भदैरिया,
डॉ. किशोर काबरा
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गीत/ग़ज़ल
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डॉ.रामदरश मिश्र,
अक्षय गोजा,
सजीवन मंयक
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दोहा -
डॉ. रामनिवास
‘मानव’

भाषांतर
कविताएँ
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रोबर्तो हुआरोज़
(अर्जेंटीना)
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फ़रूग फ़रूखजाद
(ईरान)
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कुसुमाग्रज
(मराठी)
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ग्रेस
(मराठी)
पंजाबी
उपन्यास
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रेत -
हरजीत अटवाल - अनुवादः सुभाष नीरव - भाग 2
उस
दिन के बाद मैंने बीटर्स के विषय में सोचना बन्द कर दिया। मुझे
औरत के साथ दोस्ती की भूख तो थी,
पर दो बच्चों की माँ नहीं चाहिए थी।
मुझे सांडरां जैसी अकेली इकहरी औरत चाहिए थी। सांडरां के साथ
किसी तरह की आत्मीयता नहीं बन सकी थी,
इसलिए मैं उससे किनारा कर गया।....

व्याकरण
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एक शब्द -
मिलना-मिलाना
-
डॉ.गंगाप्रसाद
बरसैंया

संस्कार
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भारतीय बालसाहित्य
और विश्व-परिदृश्य-
डॉ. श्यामसिंह शशि
हिन्दी
तथा भारतीय भाषाओं के बालसाहित्य को आज भी प्रायः दोयम
दर्जे का साहित्य माना जाता है। इसमें दोष
लेखक-प्रकाशक दोनों का है। हमारे देश का लेखक अपवाद को
छोड़कर अपनी रचना के अलावा किसी और को पढ़ना नहीं
चाहता।....
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उर्दू साहित्य की भारतीय आत्मा
-
राही मासूम रज़ा
इस देश में कई धर्म समा सकते हैं, परंतु एक देश में कई क़ौमें
नहीं समा करतीं !
परंतु यह सीधी-सी बात भी अब तक बहुत से हिंदुओं
(हिंदुस्तानियों) की समझ में नहीं आ सकी है। हमें धर्म की यह
ऐनक उतारनी पड़ेगी। इस ऐनक का नंबर गलत हो गया है् और अपना देश
हमें धुँधला-धुँधला दिखाई दे रहा है।....
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एक नये समीक्षक को
सलाह
-
जार्ज बर्नार्ड शॉ
(चौंथा भाग)

संस्मरण....
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पींकिग रेडियो जिन्हें कोसता था
-
डॉ.
विमल कुमार पाठक
(गोपाल सिंह नेपाली को याद करते हुए जाने माने कवि)
नेपालीजी को मैं रायपुर में अपने निवास स्थान ब्राम्हणपारा में
भोजन के लिए आमंत्रित किया ।
तब मैं अपनी ससुराल में निवासरत
था। घर पर मेरी पत्नी, मेरी सास और साले साहब तथा एक साली उस
समय थे। लगभग दो तीन घंटे वे घर पर रहे । मुझसे कहे बहु से
मिलवाओ।....

शोध
ग्रंथ
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हिंदी लघुकथा का विकास (भाग-3)
- डॉ. अंजलि शर्मा

विचार
वीथी
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फैसला सुरक्षित है
-
प्रतिभा सक्सेना

लोक -
आलोक
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सर्प और दयालु
किसान
-
कमलेश माथुर

शेष-विशेष
इन दिनों....
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शासन की हिंसा नहीं आतंक का जवाब
- विश्वनाथ सचदेव
राजकाज....
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क्या
है जिन्नाह के सपनों का
पाकिस्तान?
-
तनवीर जाफ़री
परिचर्चा....
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बाल साहित्य कैसा हो
? -
डॉ.
शमशेर अहमद खान
प्रसंगवश....
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नोबल
से ऊँचा है गांधी का
'दर्शन'
- तनवीर जाफ़री
मीडिया....
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बाजारीकृत मीडिया में साहित्य
-
संजय कुमार
विदेशों की
सांस्कृतिक डायरी...
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अमेरिका की धरती से - लावण्या
शाह
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न्यूज़ीलैंड की चिट्ठी -
रोहित कुमार हैप्पी

हलचल
(देश-विदेश
की प्रमुख सांस्कृतिक गतिविधियाँ )
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हिंदी टूलबार
'हिंदीगाथा'
का लोकार्पण
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विश्व
हिंदी न्यास का सातवाँ अधिवेशन संपन्न
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चुनौती के बावजूद हिंदी का भविष्य उज्ज्वल
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रफ़्तार को मिला मंथन अवार्ड
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कन्हैयालाल नन्दन निराला सम्मान
से विभूषित
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जयपुर में
हिन्दी वेब पत्रकारिता पर संगोष्ठी
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रूसी
कवियत्री की वर्षगाँठ पर चित्रकला प्रदर्शनी
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"प्रवासी
साहित्य को भी मुख्यधारा साहित्य मानना चाहिये"
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पृथ्वी से बैकुंठ की दूरी 12 लाख योजन
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राष्ट्रीय प्रतिभा सम्मान-2008 हेतु
प्रविष्टियाँ आमन्त्रित
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16वॉ
लघुकथा लेखक सम्मेलन इंदौर में संपन्न
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देश-विदेश
की सांस्कृतिक गतिविधियाँ
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