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सृजनगाथा

 

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वागर्थ प्रतिपत्तये

वर्ष-2, अंक-19, दिसंबर, 2007

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।। तकनीक ।।

 

 

बालेन्दु का कारगर यूनिकोड विकृति संशोधक

 

यह सच है कि अंतरजाल पर धीरे-धीरे हिंदी और भारतीय भाषाओं का प्रचलन बढ़ रहा है । लोग-बाग बहुविध फोटों के बजाय युनिकोड़ को अपना रहे हैं, युनिकोडित हो रहे हैं । ऐसे लोग, जो अंतरजाल पर अपनी भाषा की सर्वव्यापकता व सर्वसुलभता के लिए युनिकोड अपना रहे हैं या अपना चुके हैं, के समक्ष एक चुनौती अभी भी आती है और वह है- ई-मेल में विकृत पाठ का खुलना । अब इसका निदान ढूँढ़ लिया गया है । यद्यपिर यह छोटी-सी समस्या है पर इस पर भी ध्यान केंद्रित कर इसकी काट के लिए कारगर टूल विकसित किया है - जाने माने हिंदी सेवी पत्रकार और टेक्नोक्रेट बालेन्दु दाधीच ने । इसे उन्होंने हिंदी की शास्त्रीय शैली में युनिकोड विकृति संशोधक नाम दिया है । इसे टूल की खास विशेषता ही कहें कि यह पूर्णतः मुफ़्त और ऑनलाइन टूल्स है । आप इसे यहाँ से आज़मा सकते हैं -

 

हम यदि उन्हीं के शब्दों में कहें तो - "जो लोग सिर्फ अंग्रेजी में ईमेल का आदान प्रदान करते है, उन्हें इस समस्या का अनुमान भी नहीं होगा लेकिन हिंदी और अन्य गैर-अंग्रेजी भाषाओं में, यूनिकोड एनकोडिंग के माध्यम से ईमेल पाने या भेजने वाले लोगों को यह बहुत परेशान करती है।"

 

"विकृत यूनिकोड पाठ की समस्या अधिकांशतः दो तरह के लोगों को पेश आती है-  उन लोगों को जिनके कंप्यूटरों में संबंधित भाषा में यूनिकोड समर्थन उपलब्ध नहीं है।  तथा उन लोगों को जिनके कंप्यूटरों में यूनिकोड समर्थन मौजूद है लेकिन फिर भी किसी ईमेल सेवा में यूटीएफ-8 एनकोडिंग का पूर्ण समर्थन मौजूद न होने या त्रुटिपूर्ण समर्थन मौजूद होने के कारण जो इस समस्या का सामना करते हैं।"

 

अगर आपके पास भी ईमेल में इस तरह का विकृत हिंदी यूनिकोड पाठ आता है तो अब आपको प्रेषक से रोमन या अंग्रेजी में दोबारा ईमेल मंगवाने की जरूरत नहीं है। बालेन्दु शर्मा दाधीच द्वारा विकसित इस टूल के माध्यम से आप उस विकृत पाठ को परिमार्जित, संशोधित कर पढ़ सकते हैं।

 

इस टूल के मूलतः 3 भाग हैं । पहले भाग में समस्या के बारे में बताया गया है । दूसरे में आपको विकृत युनिकोड सामग्री पेस्ट करना है और एक क्लिक के साथ तीसरे भाग में उसे शुद्ध रूप में प्राप्त करना है। यह प्रयोग में अत्यंत सरल टूल है जिसे सामान्य ई-मेल यूजर भी मात्र दो-तीन क्लिक करनेक सफलतापूर्वक अपनी समस्या का हल ऑनलाइन पा सकता है ।

 

इतना ही नहीं यदि आप अपने विकृत यूनिकोड पाठ को इस सेवा के माध्यम से पढ़ने योग्य पाठ में परिवर्तित नहीं कर पाते हैं तो आप बकायदा वह पाठ श्री दाधीच को भिजवा भी सकते हैं ताकि वे अपनी सेवा में और सुधार कर सकें। वैसे यह टूल सही रूप में काम कर रहा है । यूँ तो बालेन्दु दाधीच लगातार अंतरजाल पर भारतीय भाषाओं और खासकर हिंदी के प्रचलन को व्यापक और विस्तृत करने के लिए संलग्न हैं । उन्होंने अंतरजाल की दुनिया को कई महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर सौगात में दी है । इसी कड़ी में उनका नया टूल भी कम महत्वपूर्ण नहीं । इसे स्वागतेय और उपयोगी टूल कहा जा सकता है । 

प्रशांत रथ


00 बालेन्दु के अन्य उपयोगी सॉफ्टवेयर 00

- माध्यम (सरल हिंदी शब्द संसाधक)

- डॉक व्यूअर

- अन्य सॉफ़्टवेयर

00 पढ़िए खास साक्षात्कार 00

- श्री बालेन्दु दाधीच से सृजनगाथा की खास बातचीत

 

 

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संपादकः जयप्रकाश मानस संपादक मंडलः डॉ.बलदेव,गिरीश पंकज, संतोष रंजन, राम पटवा, डॉ.सुधीर शर्मा, डॉ.जे.आर.सोनी, कामिनी, प्रगति

तकनीकः प्रशांत रथ

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