|
शहर के मुहाने पर....
शहर के मुहाने
पर एक बस्ती है
कोई नाम नहीं उस
बस्ती का
टिन-टप्पर के
मकानों में वहाँ
रहते हैं बिना
नाम वाले लोग
वैसे नाम सभी के
है
जैसा कि होना ही
चाहिए
पर है दरअसल सभी
नाम वाले
बिना नाम वाले
लोग
आज बहुत खुश हैं
बस्ती के लोग
कोई हादसा नहीं
हुआ है आज यहाँ
किसी को नहीं
पकड़ ले गई है पुलिस आज
आज कोई नहीं
लटका है फाँसी पर करने ख़ुदकुशी
कोई नहीं खाया है 'सालफ़ास'
आज मनोहर को खून
की उल्टी नहीं हुई है
सोनुआ की माँ का
बुखार कुछ उतरा है आज
गुलजारन को
ज़्यादा ग्राहक मिल गथे थे रात शायद
भोलू ने काफी
पाकेट मारी है शहर की गलियों में आज
आज शहर के
मुहाने पर बसी इस बस्ती से
संगीत उठ रहा है
और लोग बहुत
दिनों के बाद
छूट गये गाँवों
को कर रहे हैं याद
पर ऐसा रोज नहीं
होता
शहर के मुहाने पर बसी इन बस्ती में !
विश्वरंजन
महानिदेशक, पुलिस
रायपुर, छत्तीसगढ़
◙◙◙
|