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वर्ष- 2, अंक - 15, अगस्त, 2007

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साइबर क़ैफ़े के विंडोज़ 98 पर यूनिकोड हिन्दी में काम कैसे करें


रविशंकर श्रीवास्तव

 

भी भी, भारत में तमाम कारणों के चलते साइबर कैफ़े में आपको विंडोज़ 98 ही मिलते हैं।

 

विंडोज़ 98 में डिफ़ॉल्ट रूप में यूनिकोड हिन्दी संस्थापित नहीं होता है। इस कारण से यूनिकोड हिन्दी में काम करना कुछ समय पहले तक बहुत ही मुश्किल भरा था। तमाम औजार जुटाने पड़ते थे तब कहीं विंडोज़ 98 में यूनिकोड हिन्दी दिखाई देती थी और उस पर काम किया जा सकता था।

 

अब कुछ अच्छे ऑनलाइन कुंजीपट के जरिए विंडोज़ 98 में यूनिकोड हिन्दी में काम करना अत्यंत आसान हो गया है। साइबर कैफ़े में जहाँ विंडोज़ 98 पीसी ही आमतौर पर मिलते हैं, उनमें भी आसानी से यूनिकोड हिन्दी में काम किया जा सकता है। प्रस्तुत है चरण-दर-चरण विवरण

 रविशंकर श्रीवास्तव

रविशंकर हिंदी इंटरनेट के जाने माने टेक्नोक्रेट हैं । रवि रतलामी नाम से भी ब्लॉगरों में प्रसिद्ध हैं । उनका साहित्यिक ब्लॉग पत्रिका 'रचनाकार' खासा लोकप्रिय है। मूलतः छत्तीसगढ़िया इंजीनियर, अब रतलाम में स्वैच्छिक सेवानिवृति लेकर कंप्यूटर प्रौद्योगिकी के विकास में संलग्न हैं । हिंदी की प्रतिष्ठित वेब स्थलों पर लिखते हैं । विंडों को छत्तीसगढ़ी में तैयार करने में जुटे हुए हैं, माइक्रोसॉफ्ट का पुरस्कार भी प्राप्त कर चुके हैं ।

संपर्कः

रविशंकर श्रीवास्तव

100, सुकृति, राजीव नगर (कस्तूरबा)

रतलाम, म.प्र - 457001

 

प्रथम चरण बीबीसी हिन्दी की साइट पर उपलब्ध यूनिकोड फ़ॉन्ट यहाँ से डाउनलोड कर उसे संस्थापित करें। इसे संस्थापित करने के लिए आपको कुछ नहीं करना है, बस इसे दोहरा क्लिक कर एक नियमित प्रोग्राम की तरह चलाना है। इसके बाद कम्प्यूटर को एक बार रीबूट अवश्य कर लें। यदि फ़ॉन्ट डाउनलोड कर चलाने में कुछ समस्या आए तो यहां पर दिया गया विवरण अवश्य पढ़ें।

 

अब आपका विंडोज़ 98 कम्प्यूटर यूनिकोड हिन्दी को दिखाने लायक तैयार हो गया है। किसी भी यूनिकोड हिन्दी साइट जैसे कि सृजनगाथा पर इंटरनेट एक्सप्लोरर के जरिए जाएँ तो यह अब आपको हिन्दी में पठन-पाठन योग्य दिखेगा।

 

अब सवाल यह है कि इस कम्प्यूटर पर यूनिकोड हिन्दी में टाइप कैसे करें। यह भी अब अत्यंत आसान है।

 

द्वितीय चरण यूनिकोड हिन्दी टाइप करने के लिए आपको ऑनलाइन कुंजीपट चुनना होगा। साइबर क़ैफे में काम करने के लिए यही सर्वोत्तम और आसान विकल्प है। वैसे तो अब बहुत से ऑनलाइन कुंजीपट हैं विकल्प के तौर पर, परंतु प्रयोग में रमण कौल द्वारा बनाए गए ऑनलाइन कुंजीपट बेहतर और बढ़िया कार्य करते हैं और इनमें आपको कोई समस्या नहीं आती। यहाँ आपको हिन्दी कुंजीपट हेतु चार विकल्प मिलते हैं ध्वन्यात्मक, इनस्क्रिप्ट, शुषा और रेमिंगटन कृतिदेव हिन्दी कुंजीपट आधारित एक ऑनलाइन कुंजीपट यहाँ पर भी है जिसका भी आप इस्तेमाल कर सकते हैं।

 

हिन्दी की जो सामग्री आपको लिखनी है, वह इनमें से किसी एक ऑनलाइन कुंजीपट में टाइप कर लें फिर कॉपी-पेस्ट कर उस सामग्री का इस्तेमाल आप कहीं पर भी कर सकते हैं।

 

ध्यान रखें टाइप की गई यूनिकोड हिन्दी सामग्री का इस्तेमाल आप ऑनलाइन कार्यों मसलन ब्लॉग लेखन, टिप्पणी लेखन व प्रकाशन, ईमेल प्रेषण इत्यादि के लिए ही कर सकते हैं। इस सामग्री को विंडोज़ 98 में स्थानीय कम्प्यूटर पर स्थानीय अनुप्रयोगों के जरिए सहेजने में आमतौर पर त्रुटियाँ आ जाती हैं, अतः इन्हें ऑनलाइन ही सहेजें।

 

तृतीय चरण (वैकल्पिक) साइबर कैफ़े में आमतौर पर विंडोज़ 98 का डिफ़ॉल्ट इंटरनेट एक्सप्लोरर संस्करण 5 ही रहता है जो कि बहुत ही असुरक्षित है और उसमें आधुनिक सुविधा जैसे कि टैब्ड ब्राउज़िंग इत्यादि नहीं मिलती है। टैब्ड ब्राउज़िंग और सुरक्षित ब्राउज़िंग के लिए आप फ़ॉयरफ़ॉक्स या ऑपेरा डाउनलोड कर संस्थापित कर सकते हैं। ये सिर्फ लगभग 5 मे।बा। आकार के होते हैं, तीव्रता से डाउनलोड होते हैं और कुछ ही समय में आप इन्हें विंडोज़ 98 में संस्थापित कर सकते हैं। इनमें यूनिकोड हिन्दी थोड़ी सी टूटी फ़ूटी दिखाई देगी, मगर इसमें आपका काम चल जाएगा।

 

इन्हीं विधियों का प्रयोग कर मैंने एक साइबर कैफ़े के विंडोज़ 98 कम्प्यूटर से यह ब्लॉग प्रविष्टि लिखी थी, और बड़ी आसानी से लिखी थी।

 

तो, अगली दफ़ा, साइबर कैफ़े के विंडोज़ 98 कम्प्यूटरों पर गरियाएं नहीं, लानतें नहीं भेजें और बस इन थोड़े से विकल्पों के जरिए अपना काम बख़ूबी निकालें।

 

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  संपादकः जयप्रकाश मानस संपादक मंडलः डॉ.बलदेव,गिरीश पंकज, संतोष रंजन, राम पटवा, डॉ.सुधीर शर्मा, डॉ.जे.आर.सोनी, कामिनी, प्रगति

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