ई-पताः srijjangatha@gmail.com

वर्ष- 2, अंक - 15, अगस्त, 2007

अपनी बात कविता छंद ललित निबंध कहानी लघुकथा व्यंग्य संस्मरण थोपकथन भाषांतर संस्कार

मूल्याँकन हस्ताक्षर पुस्तकायन विचार-वीथी प्रसंगवश इनदिनों हिंदी-विश्व लोक-आलोक व्याकरण तकनीक

बचपन शेष-विशेष हलचल विशेषांक सृजनधर्मी लेखकों से संपादक बनें चतुर्दिक पुरातनअंकअभिमतमुख्यपृष्ठ

   छंद

 

चंदा की बाहों में


डॉ. गणेशदत्त सारस्वत

 

 

चंदा की बाहों में आओ हम बँधें, मिलें ।

मधुवन में में बरस चलें, मन-उपपन सरस करें, चंदा की बाहों में ।

 

अनभोगी काया की मणिकंचनी कथाएँ

आओ, हम दोनों ही मिलकर के दुहराएँ

नलिनी के सौरभ पर, चंदन की गंध मलें, चंदा की बाहों में ।

 

चाँदी के निर्झर में, द्युति कनकसी अरविंदी

कलियों की कंचुकि में भौंरे सा मन बंदी

आओ, मधु गीतों में, स्वर लय में हिलें-मिलें, चंदा की बाहों में ।

 

लहरों के सरगम पर ग़ज़ले रेशमी कहें

कामना रचे मेंहदी, आदिम युग पुनः सृजें

आओ, इस मौसम में, फूलों की गंध वरें, चंदा की बाहों में ।

 

छवि के नंदन वन में मनसिज के कमल खिलें

ऋतुपति का सौरभ ले, सुख के मकरंद झरें

मदजल से पूनम का, आओ, अभिषेक करें, चंदा की बाहों में ।

 

डॉ. गणेशदत्त सारस्वत

सीतापुर, उत्तरप्रदेश

 

 

 

गीतकार

 

मुकुंद कौशल

डॉ. कमलेश व्यास

वीरेन्द्र आस्तिक

परवीन हक़

डॉ. गणेशदत्त सारस्वत

डॉ. शरद नारायण खरे

सूर्यदेव पाठक 'पराग'

 

अपनी बात कविता छंद ललित निबंध कहानी लघुकथा व्यंग्य संस्मरण थोपकथन भाषांतर संस्कार

मूल्याँकन हस्ताक्षर पुस्तकायन विचार-वीथी प्रसंगवश इनदिनों हिंदी-विश्व लोक-आलोक व्याकरण तकनीक

बचपन शेष-विशेष हलचल विशेषांक सृजनधर्मी लेखकों से संपादक बनें चतुर्दिकपुरातनअंकअभिमतमुख्यपृष्ठ

  संपादकः जयप्रकाश मानस संपादक मंडलः डॉ.बलदेव,गिरीश पंकज, संतोष रंजन, राम पटवा, डॉ.सुधीर शर्मा, डॉ.जे.आर.सोनी, कामिनी, प्रगति

तकनीकः प्रशांत रथ

Google
WWW http://www.srijangatha.com