भैयादादा

रंगपुर के छोटे स्टेशन पर तीन लोग अधिकारी सहज गुस्ताख से खड़े थे। दूर से आये हुए देहाती लोग,अन्य गाँवों के यात्री और पहली बार ही गाड़ी में मुसाफ़री करने आयी हुई स्त्रियाँ, सैंकड़ों में भी अलग थलग नजर आनेवाले तीन गृहस्थों…Read More »

क्या कुरआन केवल मुत्तकीन (अल्लाह से डरने वालों) के लिए हिदायत है या सारे इंसानों के लिए

By | September 24, 2018

प्रश्न यह है कि कुरआन पुरी दुनिया के लोगों के लिए हिदायत है या केवल मुत्तकीन के लिए? सुरह बकरा की आयत 2 में अल्लाह का इरशाद है: “यह (कुरआन) मुत्तकीन के लिए हिदायत हैl” इससे पता चलता है कि कुरआन मजीद…Read More »

घर-समाज, सरकार और साइबर-जागरूकता…

By | September 24, 2018

एक भी दिन ऐसा नहीं गुजरता जब इंटरनेट या फोन, फेसबुक से कोई धोखा न खाते हों। इनका शिकार कोई आम जनता नहीं हो रही है, इसमें  प्रोफेसर, अफसर जैसा पढ़ा लिखा तबका भी है। फेसबुक पर दोस्ती करके अश्लील तस्वीरें जुटा…Read More »

ऐतिहासिक रामलीला मैदान के इतिहास को तो बख्श देना चाहिए

कुछ समय पहले भारत में यह चर्चा शुरू हुई थी कि देश के अलग-अलग विमानतलों के नाम फिर से उनके शहरों के नाम पर रख दिए जाएं। ऐसा इसलिए सोचा गया कि देश-विदेश से आने वाले लोग महान लोगों के लंबे-लंबे नामों…Read More »

तीस-पैंतीस

  ‘न तेल लाए। न राशन लाए । न सब्जी लाए। अब बच्चे क्या खायेंगे।’ ‘अरे भाग्यवान तुझे कैसे समझाऊं। आज मुख्यमंत्री आए थे। सारे शहर की सड़कें आम आदमी के लिए बंद थीं। सारे वाहन बंद थे। ‘फिर सारा दिन किया…Read More »

सुशी सक्सेना की कविताएँ

शब्दों की महिमा मैं शब्द हूँ, अपनी महिमा तुमको क्या बतलाऊँ मैं, मीठा हूँ तो गैर भी अपने हैं, कड़वा बनके अपनों को दूर भगाऊँ मैं। खंजर, चाकू और कटार सब के सब धरे रह जायें, ऐसी गहरी चोट लगे मन में,…Read More »

‘शहर-दर-शहर उमड़ती है नदी’

हिन्दी जगत में मुझे नहीं लगता है कि उद्भ्रांत जी का नाम किसी परिचय का मोहताज है। हिन्दी साहित्य के विराट फ़लक पर उन्होंने अनेक कालजयी महाकाव्यों जैसे ‘अभिनव पांडव’, ‘राधामाधव’, ‘त्रेता’, ‘वक्रतुंड’ और ‘अनाद्यसूक्त’ तथा काव्य नाटक ‘ब्लैक होल’ और लंबी कविता ‘रुद्रावतार’ सहित शताधिक कृतियों की रचना की है। यही नहीं, लेखन…Read More »

सेक्यूलर चोले में लीगी पाठ पढ़ते-पढ़ाते लोग

सेक्यूलर चोले में लीगी पाठ पढ़ते – पढ़ाते लोग फ़ेसबुक पर बुरी तरह सक्रिय हैं । इन में  ही से एक हैं ओबैद नासिर । मुस्लिम हैं सो सेक्यूलरिज्म पर इन का कॉपीराइट है । गोया कोई और सेक्यूलर हो ही नहीं…Read More »

डॉ शिवबहादुर सिंह भदौरिया सम्मान समारोह 2018  

लालगंज (रायबरेली) बैसवारा इंटर कालेज के सभागार में कव्यालोक साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था ने सुप्रसिद्ध गीतकार रहे डॉ शिवबहादुर सिंह भदौरिया की जयंती पर साहित्यकार सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया, जिसमें एक दर्जन से अधिक कवियों और साहित्यकारों को सुप्रसिद्ध साहित्यकारों…Read More »

साहित्य की चोरी से सस्ती लोकप्रियता

इंटरनेट की दुनिया ने हिंदी या कहे प्रत्येक भाषा के साहित्य और लेखन को जनमानस के करीब और उनकी पहुँच में ला दिया है, इससे रचनाकारों की लोकप्रियता में भी अभिवृद्धि हुई है।  किन्तु इन्ही सब के बाद उनके सृजन की चोरी…Read More »