किरण सिंह को विजय वर्मा कथा सम्मान तथा सुमीता प्रवीण केशवा को हेमंत स्मृति कविता सम्मान

हेमंत फाउंडेशन द्वारा प्रदान किए जाने वाले पुरस्कारों के अंतर्गत 20वाँ विजय वर्मा कथा सम्मान लखनऊ की किरण सिंह को उनके कहानी संग्रह “यीशू की कीलें” के लिए देने का निर्णय पुरस्कार के सम्माननीय निर्णायकों द्वारा लिया गया। इस संग्रह  की सभी…Read More »

हम तो गए हार

किसकी सरकार भाई , कैसी सरकार हम तो गए हार भाई, हम तो गए हार दिल्ली की गद्दी पर बैठा महाराजा जनता को समझ लिया उसने बैंडबाजा सूख गई फसल मेरे खेतिहर बीमार हम तो बेकार भाई , हम तो बेकार। दिन…Read More »

संस्कृति को अज्ञानता की चुनौती

By | November 4, 2018

आधीरात को सीबीआई के निदेशक और विशेष निदेशक को छुट्टी पर भेजे जाने के केंद्र सरकार के फैसले के बाद जिस तरह का घटनाक्रम चला उसमें एक महत्वपूर्ण बहस दब गई। केंद्र सरकार के इस फैसले के ठीक पहले केंद्रीय मंत्री स्मृति…Read More »

बुतों का यह मुकाबला हो रहा किनके मुंह के कौर छीनकर?

हिन्दुस्तान एक तरफ दुनिया की सबसे ऊंची सरदार-प्रतिमा पर खुशी और गौरव में डूबा हुआ है, दूसरी तरफ ब्रिटिश मीडिया में इस खबर को कुछ दूसरे तरीके से भी लिया जा रहा है। सरदार पटेल की यह प्रतिमा इसलिए अंतरराष्ट्रीय खबर है…Read More »

इस्लाम शांति या हिंसा का धर्म

By | November 4, 2018

इससे पहले हमने कुरआन की आयतों से यह जाना कि कुरआन अमन की दावत देता हैl कुरआन उसूली तौर पर दूसरों पर मज़हब का चुनाव करने के हवाले से अत्याचार करने से भी लोगों को रोकता हैl कुरआन किसी भी ज़ुल्म व…Read More »

भैयादादा

रंगपुर के छोटे स्टेशन पर तीन लोग अधिकारी सहज गुस्ताख से खड़े थे। दूर से आये हुए देहाती लोग,अन्य गाँवों के यात्री और पहली बार ही गाड़ी में मुसाफ़री करने आयी हुई स्त्रियाँ, सैंकड़ों में भी अलग थलग नजर आनेवाले तीन गृहस्थों…Read More »

क्या कुरआन केवल मुत्तकीन (अल्लाह से डरने वालों) के लिए हिदायत है या सारे इंसानों के लिए

By | September 24, 2018

प्रश्न यह है कि कुरआन पुरी दुनिया के लोगों के लिए हिदायत है या केवल मुत्तकीन के लिए? सुरह बकरा की आयत 2 में अल्लाह का इरशाद है: “यह (कुरआन) मुत्तकीन के लिए हिदायत हैl” इससे पता चलता है कि कुरआन मजीद…Read More »

घर-समाज, सरकार और साइबर-जागरूकता…

By | September 24, 2018

एक भी दिन ऐसा नहीं गुजरता जब इंटरनेट या फोन, फेसबुक से कोई धोखा न खाते हों। इनका शिकार कोई आम जनता नहीं हो रही है, इसमें  प्रोफेसर, अफसर जैसा पढ़ा लिखा तबका भी है। फेसबुक पर दोस्ती करके अश्लील तस्वीरें जुटा…Read More »

ऐतिहासिक रामलीला मैदान के इतिहास को तो बख्श देना चाहिए

कुछ समय पहले भारत में यह चर्चा शुरू हुई थी कि देश के अलग-अलग विमानतलों के नाम फिर से उनके शहरों के नाम पर रख दिए जाएं। ऐसा इसलिए सोचा गया कि देश-विदेश से आने वाले लोग महान लोगों के लंबे-लंबे नामों…Read More »

तीस-पैंतीस

  ‘न तेल लाए। न राशन लाए । न सब्जी लाए। अब बच्चे क्या खायेंगे।’ ‘अरे भाग्यवान तुझे कैसे समझाऊं। आज मुख्यमंत्री आए थे। सारे शहर की सड़कें आम आदमी के लिए बंद थीं। सारे वाहन बंद थे। ‘फिर सारा दिन किया…Read More »